दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, RML अस्पताल की सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में तुरंत दूर करें फायर सेफ्टी की कमियां

Kittu Kumari4 August 20262 min read50 viewsDelhi Local
दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, RML अस्पताल की सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में तुरंत दूर करें फायर सेफ्टी की कमियां

दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (CPWD) को डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में बचे हुए फायर सेफ्टी मामलों को तुरंत ठीक करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश 4 अगस्त 2026 को दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की लेटेस्ट इंस्पेक्शन रिपोर्ट सामने आने के बाद दिया गया, जिसे 1 अगस्त 2026 को किए गए इंस्पेक्शन के बाद तैयार किया गया था (Source)।

  • दिल्ली हाईकोर्ट ने CPWD को RML अस्पताल में फायर सेफ्टी की कमियां तुरंत दूर करने को कहा है।
  • यह आदेश 1 अगस्त 2026 की DFS इंस्पेक्शन रिपोर्ट के बाद 4 अगस्त 2026 को जारी हुआ।
  • यह मामला सोशल Jurist द्वारा दायर PIL से जुड़ा है।
  • PIL और फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट से जुड़ा मामला

    यह अदालत का आदेश सिविल राइट्स ग्रुप सोशल Jurist द्वारा दायर एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (PIL) के सिलसिले में आया है, जो लगातार बनी हुई फायर सेफ्टी की समस्याओं के कारण सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के चालू न होने से जुड़ा है। दिल्ली फायर सर्विस ने अदालत को बताया था कि कई बार इंस्पेक्शन और रिजेक्शन होने के बाद भी कमियों को ठीक नहीं किया गया था। अस्पताल की तरफ से फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के लिए 9 मार्च 2026 को दिए गए शुरुआती आवेदन को 20 पहचानी गई कमियों के कारण खारिज कर दिया गया था। इसके बाद 4 जुलाई 2026 को हुए इंस्पेक्शन में कोई सुधार नहीं पाया गया, जिसकी वजह से 22 जुलाई 2026 को फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट का आवेदन फिर से खारिज कर दिया गया। यह घटनाक्रम यूनियन हेल्थ मिनिस्ट्री द्वारा 5/6 मई 2026 को मरीजों की सुरक्षा पर जोर देते हुए 'नेशनल गाइडलाइंस ऑन फायर एंड लाइफ सेफ्टी इन हेल्थकेयर फैसिलिटीज (2026)' जारी करने के बाद सामने आया है।

    अदालत की कार्रवाई और CPWD को निर्देश

    दिल्ली हाईकोर्ट ने इस PIL पर पहले 27 जुलाई 2026 को नोटिस जारी किया था, जिसमें दिल्ली फायर सर्विस को एक रेस्पोंडेंट बनाया गया था और बाद में CPWD के चीफ आर्किटेक्ट को भी इसमें जोड़ा गया। इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 3 अगस्त 2026 की तारीख तय की गई थी, जिसके बाद यह तुरंत कमियां दूर करने का निर्देश सामने आया है। अब CPWD के लिए यह जरूरी कर दिया गया है कि वह DFS की 1 अगस्त 2026 की इंस्पेक्शन रिपोर्ट में पहचानी गई बची हुई कमियों को दूर करने के लिए तुरंत कदम उठाए।

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