दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा आदेश, पीएम आवास के पास रह रहे 700 परिवारों को 6 हफ्ते में घर खाली करने का निर्देश

दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को एक अहम फैसला सुनाते हुए प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित तीन झुग्गी बस्तियों के लगभग 700 परिवारों को उनके घर खाली करने के लिए छह हफ्ते का समय दिया है। चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने यह आदेश दिया है। भाई राम कैंप, डीडी कैंप और मस्जिद कैंप के इन निवासियों को सावदा घेवरा में बने पुनर्वास स्थल पर जाने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने साफ किया है कि तय समय सीमा में जगह खाली न होने पर पुलिस की मदद से जमीन खाली कराई जाएगी।
अदालत ने 11 मई 2026 के सिंगल जज के उस पुराने आदेश को बरकरार रखा है जिसमें 15 दिन में खाली करने को कहा गया था। डिवीजन बेंच ने राष्ट्रीय सुरक्षा और संवेदनशील सैन्य ठिकानों के पास झुग्गियां होने का हवाला देते हुए इन्हें हटाना जरूरी बताया है। अदालत ने माना कि सरकार की कार्रवाई दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) की नीति के अनुसार है और इससे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं होता है।
इस प्रक्रिया की देखरेख के लिए दिल्ली के पूर्व जिला जज मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में एक मॉनिटरिंग कमेटी बनाई गई है ताकि पुनर्वास और मिलने वाली सुविधाएं ठीक से मिल सकें। सरकार के आश्वासन के तहत प्रत्येक परिवार को एक साल तक फ्री मेट्रो कार्ड और फ्री बस यात्रा मिलेगी, जिसे तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है। सावदा घेवरा वर्तमान जगह से करीब 45 किलोमीटर दूर है, जिसे लेकर लोगों ने आजीविका और शिक्षा प्रभावित होने की चिंता जताई थी। इसके बावजूद कोर्ट ने सुरक्षा कारणों से केंद्र और राज्य सरकार के कदमों को सही ठहराया है।