दिल्ली हाईकोर्ट का कड़ा आदेश, 102 हेल्पलाइन नंबर को तुरंत अपग्रेड करने को कहा ताकि मिले आईसीयू बेड का सही डेटा

Kittu Kumari23 September 20261 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली हाईकोर्ट का कड़ा आदेश, 102 हेल्पलाइन नंबर को तुरंत अपग्रेड करने को कहा ताकि मिले आईसीयू बेड का सही डेटा

दिल्ली हाईकोर्ट ने 38 सरकारी अस्पतालों में आईसीयू बेड की खाली होने की जानकारी देने वाले 102 इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर को मजबूत करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ ने 18 सितंबर 2026 को यह आदेश दिया। सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि इस हेल्पलाइन पर रोजाना करीब 2200 कॉल आती हैं, जिनमें से लगभग 500 कॉल कट जाती हैं। अदालत ने सुनवाई के दौरान एक लाइव कॉल करके भी देखा, जो पहली बार में अटेंड नहीं हुई थी। इस खबर का स्रोत PTI News है।

हेल्पलाइन की क्षमता बढ़ाने का निर्देश


वर्तमान में सेंट्रल एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विसेज (CATS) द्वारा संचालित 102 सेवा केवल 30 लाइनों और 30 ऑपरेटरों के साथ काम कर रही है। अदालत ने माना कि यह क्षमता लोगों की जरूरत के हिसाब से बहुत कम है और ऑपरेटरों की संख्या बढ़ाने का आदेश दिया। कैट्स के ऑपरेशंस हेड आलोक कुमार द्विवेदी को पिछले 30 दिनों के कॉल डेटा की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके जमा करने को कहा गया है। अधिक जानकारी के लिए PTI News देखें।

अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था और स्टाफ की कमी


दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया कि 102 टोल-फ्री नंबर को अब आईसीयू बेड की स्थिति की जानकारी देने के लिए भी जोड़ा गया है। जुलाई 2026 में अदालत ने आपातकालीन सुविधाओं और बेड की उपलब्धता ट्रैक करने के लिए 'सारथी' ऐप और नेक्स्ट-जेन ई-हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) का लाइव प्रदर्शन देखने का आदेश दिया था। अदालत ने अस्पतालों में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट जैसे स्थायी नेतृत्व की कमी और अस्थायी भर्तियों पर ज्यादा निर्भरता पर भी चिंता जताई है, जिससे स्टाफ की कमी बनी हुई है।

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