दिल्ली उच्च न्यायालय ने अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान (ABVIMS) और डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में मेडिकल कॉलेज की स्थायी इमारत के निर्माण से जुड़े आदेश का पालन न करने पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव को नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने प्रतिवादियों को चार सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी 2027 के लिए तय की है। यह अवमानना याचिका नागरिक अधिकार समूह सोशल ज्यूरिस्ट द्वारा दायर की गई है।
सोशल ज्यूरिस्ट की ओर से पेश अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने अदालत को बताया कि यह मामला ABVIMS/RML अस्पताल में स्थायी मेडिकल कॉलेज भवन के निर्माण को शुरू करने और पूरा करने से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि
472.96 करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। याचिका के अनुसार, यह राशि भारत सरकार द्वारा
17 फरवरी 2024 को स्वीकृत और अनुमोदित की गई थी। याचिकाकर्ता ने पहले एक आरटीआई के जवाब के आधार पर अधिकारियों से संपर्क किया था, जिसमें कहा गया था कि मेडिकल कॉलेज भवन पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने
22 जुलाई 2026 को रिट याचिका का निपटारा करते हुए अधिकारियों को कानून के अनुसार उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इन संचारों के बावजूद 22 जून के प्रतिनिधित्व पर कोई निर्णय नहींCommunicated किया गया और निर्माण शुरू नहीं हुआ। इसके बाद अदालत ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने की मांग पर प्रतिवादियों को अपनी अनुपालन रिपोर्ट रिकॉर्ड पर रखने के लिए
चार सप्ताह का समय दिया है।