संसद सुरक्षा चूक मामला: दिल्ली हाईकोर्ट में अमोल धनराज शिंदे की जमानत याचिका पर हुई सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट में मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को संसद सुरक्षा चूक मामले के आरोपी अमोल धनराज शिंदे की जमानत याचिका पर बहस सुनी गई। यह कार्यवाही जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस विकास महाजन की डिवीजन बेंच के सामने हुई (ANI News)। शिंदे 13 दिसंबर 2023 को हुई सुरक्षा चूक की घटना में शामिल कई आरोपियों में से एक हैं, जहां उन्होंने और एक अन्य आरोपी नीलम देवी ने संसद के बाहर नारेबाजी करते हुए रंगीन गैस छोड़ी थी।
दिल्ली पुलिस का कड़ा विरोध और आरोप
सुनवाई के दौरान, दिल्ली पुलिस ने शिंदे की जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया और उन्हें पांच "साजिश बैठकों" में शामिल "प्रमुख साजिशकर्ता" बताया। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि शिंदे के मामले की तुलना दूसरी आरोपी नीलम रंहोलिया से नहीं की जानी चाहिए, जो कम बैठकों में शामिल हुई थीं। इसके अलावा, पुलिस ने दावा किया कि आरोपियों के बीच चैट से खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू से जुड़े खतरे का संकेत मिलता है और स्मोक कैनेस्टर की खरीद का हवाला देते हुए कहा कि उनके कार्य शांतिपूर्ण की बजाय "आक्रामक विरोध" थे। अभियोजन पक्ष ने चार्जशीट, गवाहों के बयां और इंस्टाग्राम चैट के सबूत पेश किए, जिसमें आरोप लगाया गया कि कैनेस्टर सागर शर्मा और धनराज शिंदे द्वारा खरीदा गया था।
कोर्ट का निर्देश और अन्य आरोपियों की स्थिति
बहस पूरी होने के बाद, अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों को धनराज शिंदे की जमानत याचिका पर अपने लिखित बयान जमा करने का निर्देश दिया। यह मामला एक बड़ी जांच का हिस्सा है, जिसमें एक अन्य आरोपी ललित झा की जमानत याचिका पर सुनवाई 31 अगस्त के लिए तय की गई है। इससे पहले, 2 जुलाई 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट ने दो अन्य आरोपियों नीलम आजाद (जिन्हें नीलम रंहोलिया भी कहा जाता है) और महेश कुमावत को कड़ी शर्तों पर जमानत दी थी, जिसमें मामले के बारे में मीडिया इंटरव्यू और सोशल मीडिया पोस्ट से बचना और अपने स्थानीय पुलिस स्टेशन में नियमित रूप से रिपोर्ट करना शामिल था।