Delhi High Court का बड़ा फैसला, ITC को FSSAI लाइसेंस रद्द करने के मामले में मिली राहत

दिल्ली हाईकोर्ट ने ITC Limited को एक मामले में बड़ी राहत दी है। अदालत ने Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) को निर्देश दिया है कि वह '100% Atta, 0% Maida' के दावे से जुड़े Aashirvaad Shudh Chakki Atta के लाइसेंस को रद्द करने की कार्रवाई न रोके और मामले की अगली सुनवाई तक कोई सख्त कदम न उठाए। यह आदेश Justice Swarana Kanta Sharma ने 25 अगस्त 2026 को जारी किया है।
विवाद और FSSAI के नोटिस
यह कानूनी विवाद FSSAI द्वारा 28 मई 2025 को जारी एक एडवाइजरी के बाद शुरू हुआ, जिसमें फूड बिजनेस ऑपरेटरों को प्रोडक्ट लेबल और विज्ञापनों में '100%' दावों के इस्तेमाल से बचने को कहा गया था। इसके बाद, FSSAI ने 10 अगस्त 2026 को ITC को शो-कॉज नोटिस जारी किया और जवाब देने के लिए 30 दिन का समय दिया। इसके बाद 13 अगस्त 2026 को एक इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया, जिसमें 15 दिन के भीतर नियमों का पालन करने को कहा गया था।
ITC का पक्ष और कानूनी तर्क
ITC ने इन नियामक कार्रवाइयों को चुनौती दी है। कंपनी का तर्क है कि मौजूदा कानूनी ढांचे, विशेष रूप से Food Safety and Standards (Labelling and Display) Regulations, 2020 के Regulation 4(4) और Food Safety and Standards (Advertising and Claims) Regulations, 2018 के तहत ऐसे दावों पर स्पष्ट प्रतिबंध नहीं है। कंपनी का कहना है कि FSSAI औपचारिक संशोधन प्रक्रिया का पालन किए बिना केवल एक एडवाइजरी के जरिए प्रतिबंध लागू नहीं कर सकता। इसके अलावा, ITC ने दिल्ली में जारी शो-कॉज नोटिस और कोलकाता में जारी इम्प्रूवमेंट नोटिस के बीच क्षेत्राधिकार की विसंगतियों और कम समयसीमा पर भी सवाल उठाए हैं।
आगे की सुनवाई
अदालत ने दोनों पक्षों को क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार और याचिका की स्थिरता के मुद्दों पर संक्षिप्त नोट जमा करने का निर्देश दिया है। अदालत 31 अगस्त 2026 को AWL Agri Business Limited की एक अलग याचिका से जुड़े मामलों पर सुनवाई करेगी, जबकि ITC के मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर 2026 को तय की गई है।