Excise Policy Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल और सिसोदिया को दी बड़ी राहत, जवाब दाखिल करने के लिए मिला 4 हफ्ते का समय

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य सभी प्रतिवादियों को एक राहत दी है। कोर्ट ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी CBI की तरफ से दाखिल किए गए अतिरिक्त लिखित जवाब पर अपना पक्ष रखने के लिए चार हफ्ते का समय दे दिया है। यह पूरा मामला एक्साइज पॉलिसी करप्शन केस से जुड़ा हुआ है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News पढ़ सकते हैं।
CBI की रिवीजन याचिका पर सुनवाई
CBI की यह रिवीजन याचिका उस ट्रायल कोर्ट के ऑर्डर को चुनौती देती है, जो 27 फरवरी 2026 को आया था। उस ट्रायल कोर्ट के आदेश में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य 21 लोगों को एक्साइज पॉलिसी करप्शन केस में डिस्चार्ज यानी बरी कर दिया गया था। इसी आदेश के खिलाफ CBI हाईकोर्ट गई है।
अगली सुनवाई की तारीख तय
इस मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस मनोज जैन ने अगली बहस के लिए 5 और 6 अक्टूबर की तारीख तय की है। कोर्ट का यह फैसला प्रतिवादियों के वकील के अनुरोध के बाद आया है। वकीलों ने कोर्ट को बताया था कि CBI के नए 103 पेज के सबमिशन में ऐसे मटेरियल और आधार शामिल हैं जो ओरिजिनल याचिका में नहीं थे।
दिसंबर और अक्टूबर की सुनवाई
बचाव पक्ष ने CBI की रिवीजन याचिका की मेंटेनेबिलिटी यानी स्वीकार्यता को लेकर शुरुआती आपत्तियां उठाई हैं। हालांकि, कोर्ट ने यह फैसला किया है कि इन सभी तर्कों पर आने वाली अक्टूबर की सुनवाइयों के दौरान विस्तार से चर्चा की जाएगी, न कि टुकड़ों में। अब सभी पक्षों को अक्टूबर की तारीखों में अपनी बात रखनी होगी।