दिल्ली हाईकोर्ट ने UAPA आरोपी फरहान अंसारी सुसे को इलाज के लिए 30 दिन की कस्टडी जमानत दी

Kittu Kumari17 September 20263 min read11 viewsDelhi Local
दिल्ली हाईकोर्ट ने UAPA आरोपी फरहान अंसारी सुसे को इलाज के लिए 30 दिन की कस्टडी जमानत दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को UAPA आरोपी फरहान अंसारी सुसे को दिल्ली-एनसीआर के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने के लिए 30 दिन की कस्टडी जमानत दे दी है। यह आदेश जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की डिवीजन बेंच ने दिया। अदालत ने पटियाला हाउस कोर्ट के 1 अगस्त के उस आदेश के खिलाफ अपील पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया, जिसमें मेडिकल ग्राउंड पर उसकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। सुसे पर नवंबर 2023 में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) द्वारा दर्ज मामले में जबरन वसूली और ISIS की गतिविधियों को समर्थन देने का आरोप है। ANI के अनुसार, सुसे को अंबिकल हर्निया का ऑपरेशन कराना है और उसका इलाज दीन दयाल उपाध्याय (DDU) अस्पताल में चल रहा था।

कोर्ट ने कहा कि आरोपी मेडिकल रूप से अस्वस्थ है और उसे अपने खर्चे पर प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने से नहीं रोका जा सकता है। हालांकि, अदालत ने उसे मुंबई में इलाज कराने की अनुमति नहीं दी, क्योंकि महाराष्ट्र के पडघा और आसपास के इलाकों में उसके कथित नेटवर्क को देखते हुए इसे इस चरण में व्यावहारिक नहीं माना गया। बेंच ने निर्देश दिया कि सुसे को हिरासत में रहते हुए दिल्ली-एनसीआर में उसकी पसंद के किसी भी प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने की अनुमति दी जाएगी

अदालत ने निर्देश दिया कि सुसे को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती होने की तारीख से 30 दिनों की कस्टडी जमानत दी जाएगी। इलाज का खर्च उसे खुद उठाना होगा। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि सुसे मोबाइल या किसी अन्य माध्यम से किसी भी रिश्तेदार, दोस्त या परिचित से बातचीत या मुलाकात नहीं करेगा। वह चार्जशीट में नामजद किसी भी व्यक्ति से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क नहीं करेगा। सुसे ने वकील सैपान दस्तगीर शेख के जरिए हाईकोर्ट का रुख कर ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी।

सुसे के खिलाफ एनआईए ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत चार्जशीट दाखिल की है। एनआईए ने 21 मार्च 2024 को चार्जशीट और 3 जून 2024 को पहली पूरक चार्जशीट दाखिल की थी। पूरक चार्जशीट के मुताबिक, सुसे अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर साकिब नाचन के साथ साजिश में शामिल था, जो भारत में ISIS के लिए काम कर रहा था। नाचन की अब मौत हो चुकी है। एनआईए का आरोप है कि सुसे ने ISIS के लिए संदेश फैलाए, संगठन के प्रति निष्ठा की शपथ ली और महाराष्ट्र के पडघा में व्यापारियों से भारी मात्रा में नकदी वसूली।

सुसे की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील ने दलील दी कि उनके खिलाफ मुख्य आरोप जबरन वसूली का है और ट्रायल के दौरान ISIS के साथ उनके कथित संबंध अभी साबित होने बाकी हैं। वकील ने यह भी कहा कि मामले में 500 से ज्यादा गवाहों से पूछताछ की जानी है और सुसे पहले ही दो साल नौ महीने हिरासत में बिता चुका है। वहीं, एनआईए की वकील अस्मिता सिंह ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि सुसे भारत में ISIS का सक्रिय सदस्य था। एनआईए का आरोप है कि पडघा क्षेत्र में ISIS का संदेश फैलाने, शपथ लेने और फंड जुटाने में सुसे मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक था।

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment