दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को गैंगस्टर नीरज सहरावत उर्फ नीरज बवानिया को छह घंटे की कस्टडी पैरोल दी है। इस पारिवारिक यात्रा का उद्देश्य उसके दो नवजात बच्चों से मिलना है जो इस समय अस्पताल में चिकित्सा देखरेख में हैं। अदालत के आदेश के अनुसार यह मुलाकात 26 अगस्त 2026 को सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच तय की गई है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस मनोज जैन की अध्यक्षता में हुई, जिसमें अदालत ने दिल्ली पुलिस को इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश भी दिया है।
बवानिया की पत्नी ने 14 अगस्त 2026 को लगभग 27 सप्ताह के गर्भकाल के दौरान आपातकालीन सर्जरी के बाद तीन बच्चों (ट्रिपलेट्स) को जन्म दिया था। जन्म के तुरंत बाद एक बच्चे की मौत हो गई थी, जबकि दो जीवित बच्चे मोती नगर के एक अस्पताल के एनआईसीयू में हैं। इनमें से एक बच्चा वेंटिलेटर पर है और दूसरा सी-पीएएपी सपोर्ट पर है, जबकि बवानिया की पत्नी को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। इससे पहले निचली अदालत ने गैंगस्टर होने और गैंगवार की आशंका के चलते उसकी अंतरिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी थी।
राज्य की ओर से पेश अतिरिक्त स्थायी वकील रुपाली बंदोपाध्याय ने अदालत को बताया कि आवेदक पर वर्तमान में 28 अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील दलल और अधिवक्ता गगन बड़वासनिया ने बवानिया का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी पत्नी की मदद और नवजात बच्चों की देखभाल के लिए अंतरिम जमानत मांगी थी। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर 2026 के लिए तय की है, जहां पुलिस रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी।