दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, बैंक यूनियनों को प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक जगह देने पर पुलिस ले फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को बैंक यूनियनों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए एक वैकल्पिक जगह तय करने का निर्देश दिया है। यह आदेश जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के बाद आया है। न्यायमूर्ति अमित महाजन ने पुलिस को 28 सितंबर 2026 को दोपहर 4:00 बजे तक यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) दिल्ली राज्य के वकील को लिखित में फैसला बताने का आदेश दिया है। यह कानूनी कदम UFBU द्वारा दायर याचिका के बाद उठाया गया है, जिसमें कहा गया था कि शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होना और प्रदर्शन करना एक मौलिक अधिकार है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर कानून और व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से मना कर दिया था।
यह प्रदर्शन 28 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक चलने वाली UFBU की तीन दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान होना है। इस हड़ताल से सार्वजनिक क्षेत्र और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कामकाज पर असर पड़ने की उम्मीद है। इस हड़ताल का मुख्य उद्देश्य पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने जैसी कई मांगों को मनवाना है। आपको बता दें कि यह प्रावधान पिछले वेतन समझौते में तय हुआ था लेकिन अभी तक लागू नहीं किया गया है। इसके अलावा, कर्मचारी परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना पर पुनर्विचार करने की भी मांग कर रहे हैं।
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (दिल्ली) के कार्यकारी अध्यक्ष शिव शंकर सिंह ने बताया कि भारतीय बैंक संघ (IBA) और वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के साथ सुलह की बातचीत से अभी तक कोई हल नहीं निकला है। इस हड़ताल के कारण होने वाली परेशानी को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने बैंकों को रविवार 27 सितंबर को खुले रहने की सलाह दी है। साथ ही, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के सितंबर के वेतन और पेंशन का भुगतान भी जल्दी किया गया है। कुछ बैंकों ने हड़ताल की अवधि के दौरान एटीएम से पैसे निकालने पर लगने वाले शुल्क को भी माफ कर दिया है। इसके अलावा, अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि हड़ताल के दौरान जब ग्राहक ऑनलाइन लेन-देन करेंगे, तो डिजिटल धोखाधड़ी का खतरा बढ़ सकता है।