Delhi High Court का DMRC को निर्देश, मेट्रो स्टेशनों पर टॉयलेट और बेबी-फीडिंग सुविधा की समीक्षा करें

दिल्ली हाईकोर्ट ने Delhi Metro Rail Corporation (DMRC) को मेट्रो स्टेशनों के अंदर अतिरिक्त टॉयलेट और समर्पित बेबी-फीडिंग जैसी उन्नत पब्लिक सुविधाओं की मांग पर विचार करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने अधिवक्ता शन्नू बघेल द्वारा दायर एक Public Interest Litigation (PIL) का निपटारा करते हुए यह निर्देश जारी किया, जिसमें बेहतर यात्री सुविधाओं की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया था।
याचिकाकर्ता को दो सप्ताह का समय मिला
अदालत के आदेश के तहत, याचिकाकर्ता को DMRC के पास एक औपचारिक Representation जमा करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है, जिसमें विशेष रूप से Paid Areas के भीतर उन विशिष्ट स्थानों की पहचान की जाएगी जहां अतिरिक्त सुविधाओं की आवश्यकता है। अदालत के आदेश के अनुसार याचिकाकर्ता को दो सप्ताह के भीतर अपनी बात रखने को कहा गया है।
DMRC का पुराना जवाब और कोर्ट की शर्त
जबकि DMRC ने 2025 के एक Right to Information (RTI) जवाब में यह कहा था कि उसके मौजूदा नेटवर्क में पुरुषों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए कार्यात्मक वॉशरूम पहले से मौजूद हैं, वहीं अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी नया बदलाव स्टेशनों की Operational Integrity या संरचनात्मक वास्तुकला से समझौता किए बिना लागू किया जाना चाहिए। DMRC से अपेक्षा की जाती है कि वह अच्छी तरह से मेनटेन और सुलभ सुविधाओं के माध्यम سے यात्रियों के स्वास्थ्य और गरिमा को बनाए रखने के लिए इन अनुरोधों का मूल्यांकन करेगा।