Delhi High Court का DG Prisons को निर्देश, जेलों में वकीलों के लिए बुनियादी सुविधाएं देने पर लें एक्शन

Delhi High Court ने बुधवार, 12 अगस्त 2026 को Director General of Prisons को एक याचिका पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। यह याचिका दिल्ली की जेलों में कैदियों से मिलने जाने वाले वकीलों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर दायर की गई थी। Chief Justice D.K. Upadhyay और Justice Tejas Kariya की division bench ने Director General को वर्तमान स्थिति का आकलन करने और कानून के अनुसार उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
याचिका में उठाई गई वकीलों की समस्याएं
यह याचिका advocate Risha V. Kumar द्वारा advocate Mohammad Suja Faizal के जरिए दायर की गई है। याचिका में तर्क दिया गया है कि वकीलों के लिए पर्याप्त सुविधाओं के बिना संविधान के Articles 14, 21 और 22 के तहत गारंटीकृत न्याय तक प्रभावी पहुंच से समझौता किया जाता है। इसमें दिल्ली की जेलों के भीतर कानूनी पेशेवरों द्वारा सामना की जाने वाली कई चुनौतियों को उजागर किया गया है, जिसमें साफ पीने के पानी की अनुपस्थिति, अपर्याप्त waiting areas, स्वच्छ शौचालयों की कमी, वकीलों के लिए समर्पित chambers न होना, parking की कठिनाइयां और जेल परिसर के भीतर अपर्याप्त परिवहन शामिल हैं।
अदालत के निर्देश का उद्देश्य
अदालत के इस directive से यह रेखांकित होता है कि वकीलों के पास अपने मुवक्किलों के साथ प्रभावी ढंग से परामर्श करने के लिए आवश्यक infrastructure होना जरूरी है। इससे कैदियों के कानूनी प्रतिनिधित्व और न्याय तक पहुंच के संवैधानिक अधिकारों को बरकरार रखा जा सकता है। अदालत ने अधिकारियों को इस मामले में कानून के अनुसार उचित कदम उठाने को कहा है ताकि जेलों में वकीलों को जरूरी सुविधाएं मिल सकें।