दिल्ली हाईकोर्ट ने यमुना नदी में गंदा पानी गिरने और 25 गैर-नियमित औद्योगिक क्षेत्रों के पुनर्विकास को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि पर्यावरण को बचाने और जलभराव को रोकने के लिए यह पुनर्विकास बहुत जरूरी है। Master Plan 2021 से Delhi Master Plan 2047 में बदलाव के कारण काम रुका हुआ था, जिसे लेकर अदालत ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को अधिकारियों के साथ बैठक कर सीवर लाइन और नाले डालने का समय तय करने का आदेश दिया है।
25 अगस्त 2026 के आदेश में अदालत ने डीडीए को सभी संबंधित विभागों से मिलकर मंजूरी लेने को कहा है। इसके बाद 31 अगस्त 2026 को अदालत ने उद्योग विभाग, DSIIDC, MCD और औद्योगिक संगठनों की एक विशेष बैठक करने का निर्देश दिया। समयपुर बादली औद्योगिक क्षेत्र के लिए दिल्ली सरकार के उद्योग विभाग के सचिव की अध्यक्षता में अलग बैठक करने को कहा गया है और M/s Square Design को तीन महीने में नई पुनर्विकास योजना तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है।
27 में से 25 क्षेत्रों की योजनाएं आ चुकी हैं, लेकिन समयपुर बादली और मुंडका की फिरनी रोड की योजनाएं अभी बाकी हैं। ओखला के अब्दुल फजल एन्क्लेव में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए अदालत ने एमसीडी को उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की एनओसी का इंतजार किए बिना तुरंत विभाजक दीवार बनाने और खुले नालों को ढकने का आदेश दिया है। एमसीडी को इन नालों की नियमित सफाई करने को भी कहा गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर 2026 को होगी।