दिल्ली हाईकोर्ट का कड़ा आदेश, आरएमएल अस्पताल की अग्नि सुरक्षा कमियों को 21 सितंबर तक दूर करे सीपीडब्ल्यूडी

Kittu Kumari19 September 20262 min read12 viewsDelhi Local
दिल्ली हाईकोर्ट का कड़ा आदेश, आरएमएल अस्पताल की अग्नि सुरक्षा कमियों को 21 सितंबर तक दूर करे सीपीडब्ल्यूडी

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) को डॉक्टर राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक (SSB) में अग्नि सुरक्षा कमियों को तुरंत ठीक करने का निर्देश दिया है। यह मामला सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में फायर टॉवर लिफ्ट को टेरेस लेवल तक बढ़ाने से जुड़ा है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने 21 सितंबर तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News पर जा सकते हैं।

जनहित याचिका पर सुनवाई

यह न्यायिक हस्तक्षेप नागरिक अधिकार समूह सोशल ज्यूरिस्ट द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) के बाद हुआ है। 14 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान अदालत को सूचित किया गया था कि दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने CPWD के अनुरोध पर पुनर्विचार किया है। 12 सितंबर की एक फाइल नोटिंग में संकेत दिया गया था कि यदि छत पर सार्वजनिक गतिविधि प्रतिबंधित रहती है और लिफ्ट तथा रैंप तक पहुंच स्पष्ट रहती है, तो फायर डिपार्टमेंट कुछ आवश्यकताओं में छूट देगा। इसके अलावा, जहां लिफ्ट का विस्तार संभव नहीं है, वहां अधिकारियों ने कैंटिलीवर बालकनी लगाने का सुझाव दिया था। इस विषय की विस्तृत जानकारी ANI News पर उपलब्ध है।

अदालत की मुख्य टिप्पणियां

यह घटनाक्रम 7 सितंबर के कोर्ट सत्र के बाद सामने आया है, जिसमें DFS की एक स्टेटस रिपोर्ट में 16 जनवरी, 2026 को जमा किए गए फायर एनओसी आवेदन के बाद 9 मार्च, 2026 को उद्धृत शुरुआती 20 कमियों में से तीन शेष कमियों की पहचान की गई थी। DFS ने पहले अनुमान लगाया था कि आवश्यक संरचनात्मक लिफ्ट एक्सटेंशन को चालू करने में लगभग छह महीने लग सकते हैं। हाईकोर्ट ने इस बात पर जोर दिया है कि अस्पताल की सुविधा की सुरक्षा और परिचालन स्थिति सुनिश्चित करना गंभीर जनहित का मामला है और सभी पक्षों को अंतिम बकाया अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल के समाधान में तेजी लाने का निर्देश दिया है।

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