दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) को डॉक्टर राम मनोहर Lohia (RML) अस्पताल में फायर टॉवर लिफ्ट की कमी को दूर करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर तय की है और तब तक रिपोर्ट मांगी है।
दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सोशल जूरिस्ट की याचिका पर यह निर्देश जारी किया है। अदालत ने कहा कि सीपीडब्ल्यूडी अस्पताल में फायर टॉवर लिफ्ट को छत के स्तर तक बढ़ाने से जुड़ी आग से सुरक्षा की कमी को दूर करे।
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने अपनी रिपोर्ट में तीन कमियों की पहचान की थी। रिपोर्ट में फायर टॉवर लिफ्ट तक पहुंच न होना भी शामिल था। फायर डिपार्टमेंट ने सीपीडब्ल्यूडी के अनुरोध पर इस मामले पर पुनर्विचार किया है।
फायर डिपार्टमेंट ने शर्त रखी है कि छत का उपयोग किसी भी सार्वजनिक गतिविधि के लिए नहीं किया जाएगा। फायर टॉवर लिफ्ट और रैंप तक पहुंच में कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए। अदालत ने इस मामले में 21 सितंबर तक आरएमएल अस्पताल से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।