CP में विरोध प्रदर्शन रोकने की मांग, रोजी-रोटी बचाने के लिए स्ट्रीट वेंडर पहुंचा दिल्ली हाईकोर्ट

Kittu Kumari15 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
CP में विरोध प्रदर्शन रोकने की मांग, रोजी-रोटी बचाने के लिए स्ट्रीट वेंडर पहुंचा दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस (CP) के सेंट्रल पार्क में होने वाले एक विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है। यह याचिका एक स्ट्रीट वेंडर ने दायर की है, जिसका कहना है कि इस तरह के प्रदर्शनों और उनके कारण लगने वाले ट्रैफिक जाम से छोटे व्यापारियों और दिहाड़ी मजदूरों की रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ता है। याचिकाकर्ता अनिल कुमार गुप्ता पिछले करीब तीन दशकों से पालिका बाजार में कपड़े बेच रहे हैं और उनका दावा है कि प्रदर्शनों की वजह से ग्राहकों का आना कम हो जाता है, जिससे उनकी कमाई प्रभावित होती है।

यह पूरा मामला 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे सेंट्रल पार्क में आयोजित किए जाने वाले "लेहरा दो तिरंगा" कार्यक्रम से जुड़ा है। वरिष्ठ अधिवक्ता सच्चिन पुरी ने अदालत में दलील देते हुए कहा कि इस प्रदर्शन को रोकना जरूरी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव साम्ब्रे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में विरोध प्रदर्शनों से जुड़े संबंधित मामलों की सुनवाई के बाद इस याचिका पर विचार किया जाएगा।

नियमों के उल्लंघन और ट्रैफिक जाम का मुद्दा

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याचिका में यह तर्क दिया गया है कि सेंट्रल पार्क विरोध प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थानों में शामिल नहीं है। याचिकाकर्ता ने दिल्ली पुलिस के 11 अक्टूबर के उस आदेश का हवाला दिया, जिसमें जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में डी-नोटिफाई किया गया था और रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड को विकल्प के तौर पर नामित किया गया था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रशासन अक्सर प्रदर्शनों पर लगाम लगाने में नाकाम रहता है, जिससे पार्लियामेंट स्ट्रीट और कनॉट प्लेस जैसे इलाकों में ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो जाता है।

अदालत को दिए गए आवेदन में पिछले कुछ वर्षों के उदाहरण भी दिए गए हैं, जैसे पहलवानों का विरोध प्रदर्शन और परीक्षा सुधारों को लेकर हुए आंदोलन, जिन्होंने व्यावसायिक गतिविधियों को बुरी तरह प्रभावित किया। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि:

  • दिल्ली पुलिस को सेंट्रल पार्क और अन्य गैर-नामित स्थानों पर प्रदर्शन रोकने के निर्देश दिए जाएं।
  • जंतर मंतर, पार्लियामेंट स्ट्रीट और कनॉट प्लेस के लिए एक स्पष्ट ट्रैफिक और पैदल यात्री एक्सेस प्लान बनाया जाए।
  • नए निर्धारित प्रदर्शन स्थलों के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की जाए, ताकि आसपास की सड़कों पर जाम न लगे।

याचिका में सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का भी जिक्र किया गया है, जिनमें कहा गया था कि विरोध का अधिकार जरूर है, लेकिन इसे निर्धारित स्थानों पर ही किया जाना चाहिए ताकि आम जनता और सड़क यातायात में बाधा न आए।

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