दिल्ली हाई कोर्ट में एक्साइज पॉलिसी केस: अरविंद केजरीवाल को आरोपमुक्त करने के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर होगी सुनवाई

दिल्ली हाई कोर्ट में सोमवार, 17 अगस्त 2026 को एक्साइज पॉलिसी केस से जुड़े मामले पर एक महत्वपूर्ण सुनवाई तय की गई है। इस पूरी कार्यवाही का मुख्य केंद्र सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) द्वारा दायर की गई एक रिवीजन याचिका है, जिसमें ट्रायल कोर्ट के 27 फरवरी 2026 के फैसले को चुनौती दी गई है। इस फैसले के तहत पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और 21 अन्य आरोपी व्यक्तियों को आरोपमुक्त कर दिया गया था। इस मामले की सुनवाई जस्टिस मनोज जैन की अध्यक्षता में की जा रही है।
सीबीआई और बचाव पक्ष के मुख्य तर्क
अपनी याचिका में सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के इस डिस्चार्ज ऑर्डर को कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण बताया है। एजेंसी का यह तर्क है कि कोर्ट ने समय से पहले 'मिनी-ट्रायल' किया और अभियोजन पक्ष के मामले की चुनिंदा तरीके से व्याख्या की। इसके विपरीत, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की डिफेंस टीम ने हाई कोर्ट से सीबीआई की इस याचिका को खारिज करने की जोरदार मांग की है। उनका यह कहना है कि एजेंसी की यह फाइलिंग बहुत जल्दबाजी में की गई थी, जो 500-पेज के ट्रायल कोर्ट के फैसले के मात्र चार घंटे बाद ही सौंप दी गई थी और इसमें मूल निष्कर्षों को चुनौती देने के लिए जरूरी स्पष्टता की कमी है।
कोर्ट की प्रतिक्रिया और आगे की कार्यवाही
इससे पहले अदालत ने प्रतिवादियों को सीबीआई के आवेदन पर अपने औपचारिक जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम दो सप्ताह का समय प्रदान किया था। इस मामले की अगली कार्यवाही तय शेड्यूल के अनुसार आगे बढ़ रही है, जहां दोनों पक्षों के तर्कों को सुना जा रहा है। हाई कोर्ट अब इस मामले में सीबीआई की रिवीजन याचिका पर आगे की सुनवाई पूरी करेगा।