दिल्ली हाई कोर्ट की बड़ी राहत: वकीलों और कोर्ट स्टाफ को BS-VI वाहन नियमों से मिली छूट
दिल्ली हाई कोर्ट ने वकीलों और न्यायिक कर्मचारियों को BS-VI नियमों से छूट दी है। जानें अब NCR से दिल्ली आना कितना आसान होगा।

दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू किए गए कड़े नियमों के बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अब वकीलों और न्यायिक कर्मचारियों को उन वाहनों के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है, जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते और दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड हैं। यह राहत उन लोगों के लिए बड़ी खबर है जो NCR के शहरों से रोजाना कोर्ट आने-जाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने यह आदेश जारी किया है। हालांकि, यह ध्यान देना जरूरी है कि यह छूट केवल कोर्ट के कार्य दिवसों (Working Days) पर ही लागू होगी। इस फैसले के पीछे दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) की कोशिशें थीं, जिसका नेतृत्व अध्यक्ष और सीनियर एडवोकेट एन. हरिहरन कर रहे थे।
NCR से आने वाले कर्मियों की मुश्किल होगी कम
DHCBA ने कोर्ट में एक याचिका दायर की थी जिसमें दलील दी गई थी कि नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद जैसे NCR शहरों से आने वाले वकीलों और कोर्ट स्टाफ को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। चूंकि ये लोग न्याय प्रशासन के आवश्यक कार्यों से जुड़े हैं, इसलिए उनके लिए आवाजाही की सुविधा जरूरी है।
बता दें कि दिल्ली सरकार के पर्यावरण और वन विभाग ने 23 जून 2026 को एक नोटिफिकेशन जारी किया था। इसके तहत प्रदूषण कम करने के लिए 'विंटर एक्शन प्लान' बनाया गया था, जिसमें 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक उन वाहनों के दिल्ली प्रवेश पर रोक लगाई गई थी जो BS-VI मानक के अनुरूप नहीं हैं और दिल्ली के बाहर पंजीकृत हैं।
दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले 2 नवंबर 2026 को हाई कोर्ट की एक अन्य बेंच ने एक अलग याचिका में अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था, लेकिन DHCBA की याचिका पर कोर्ट ने अब इस विशिष्ट छूट को मंजूरी दे दी है।