'Bring Back Ballot' इंस्टाग्राम अकाउंट ब्लॉक करने पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
Bring Back Ballot' इंस्टाग्राम अकाउंट को ब्लॉक किए जाने के खिलाफ याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई 'Bring Back Ballot' नाम के इंस्टाग्राम हैंडल (@bring_back__ballot) को भारत में प्रतिबंधित किए जाने के खिलाफ दायर एक याचिका पर की गई है। जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने इस मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 6 नवंबर, 2026 के लिए तय की है।
यह याचिका 'मिशन सेव कॉन्स्टिट्यूशन' और उसके राष्ट्रीय संयोजक एडवोकेट महमूद प्राचा द्वारा दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह इंस्टाग्राम अकाउंट 'EVM हटाओ देश बचाओ' के नारे के साथ पेपर बैलट (कागजी मतपत्र) की वापसी की वकालत करता है। आरोप है कि 10 अक्टूबर, 2026 को इस अकाउंट को अचानक ब्लॉक कर दिया गया, जबकि उस समय याचिकाकर्ता जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे थे, जिसकी सूचना उन्होंने 9 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस को भी दे दी थी।
अभिव्यक्ति की आजादी और नियमों का उल्लंघन
याचिका में तर्क दिया गया है कि जिस अकाउंट को प्रतिबंधित किया गया, उसके 50,000 से अधिक फॉलोअर्स थे। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि अकाउंट को हटाने से पहले न तो कोई नोटिस दिया गया, न ही कोई सुनवाई हुई और न ही इसके पीछे का कोई ठोस कारण बताया गया। उनका कहना है कि यह कार्रवाई नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत मिलने वाली राजनीतिक अभिव्यक्ति की आजादी का हनन है।
कोर्ट में दलील दी गई कि अकाउंट पर मौजूद किसी भी कंटेंट ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A(1) या अनुच्छेद 19(2) का उल्लंघन नहीं किया था, इसलिए इस तरह का कदम अनुचित और असंगत है। इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से स्टैंडिंग काउंसिल आशीष दीक्षित ने गृह मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की तरफ से नोटिस स्वीकार किया। वहीं, इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक की ओर से एडवोकेट अमी राणा ने कोर्ट में उपस्थिति दर्ज कराई और नोटिस लिया।