Drishyam The Conclusion: पाइरेसी वेबसाइट्स पर दिल्ली हाई कोर्ट की रोक, अवैध स्ट्रीमिंग पर लगा प्रतिबंध

अजय देवगन की मच अवेटेड फिल्म 'दृश्यम: द कन्क्लूजन' (Drishyam: The Conclusion) को लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर होने वाली पाइरेसी के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने विभिन्न पाइरेसी वेबसाइट्स को इस फिल्म की अवैध स्ट्रीमिंग करने से रोकने के लिए एक अंतरिम आदेश जारी किया है। यह कदम डिजिटल18 मीडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका के बाद उठाया गया है।
जस्टिस पुरुषइंद्र कुमार कौरव ने मामले की सुनवाई करते हुए माना कि डिजिटल18 ने अपना पक्ष मजबूती से रखा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि फिल्म की अवैध स्ट्रीमिंग जारी रहती है, तो इससे फिल्म निर्माताओं को भारी वित्तीय नुकसान होगा, जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा। इसी आधार पर कोर्ट ने फिल्म की सुरक्षा के लिए यह आदेश पारित किया।
पाइरेसी साइट्स के खिलाफ सख्त एक्शन
अदालत ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISPs) और डोमेन नेम रजिस्ट्रारों (DNRs) को निर्देश दिया है कि वे नोटिस मिलने के 72 घंटों के भीतर उन सभी डोमेन नामों को ब्लॉक या सस्पेंड करें जो फिल्म की अवैध कॉपी स्ट्रीम कर रहे हैं। इसमें ssrmovies.style जैसी 'रोग वेबसाइट्स' भी शामिल हैं।
डिजिटल18 की ओर से पेश वकीलों ने कोर्ट को बताया कि उन्हें फिल्म की पाइरेसी का गहरा डर था, क्योंकि इससे पहले भी 'जॉली एलएलबी 3' जैसी फिल्मों की अवैध स्ट्रीमिंग इसी तरह की वेबसाइट्स द्वारा की गई थी। कोर्ट ने अब एक 'डायनामिक इंजंक्शन' का तरीका अपनाया है, जिससे डिजिटल18 को यह अधिकार मिला है कि यदि भविष्य में कोई नई पाइरेसी वेबसाइट सामने आती है, तो वे उसकी रिपोर्ट कर सकते हैं और उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरी प्रक्रिया में सरकारी अधिकारियों को भी आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। केंद्र सरकार की ओर से स्टैंडिंग काउंसिल सत्य रंजन पेश हुए। अब इस मामले में आगे की कार्यवाही के लिए जॉइंट रजिस्ट्रार की मीटिंग 27 अक्टूबर 2026 को होगी, जबकि अगली सुनवाई 3 दिसंबर 2026 को तय की गई है।