दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, चार हफ़्तों में करें अखंड करनी पार्टी के रजिस्ट्रेशन पर फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग (ECI) को निर्देश दिया है कि वह अखंड करनी पार्टी के रजिस्ट्रेशन की मांग वाली याचिका पर विचार करे और इसे प्राथमिकता के साथ चार हफ़्तों के भीतर तय करे। यह आदेश जस्टिस सौरभ बनर्जी की बेंच ने प्रस्तावित अखंड करनी पार्टी के अध्यक्ष शेखावत राजेंद्र सिंह श्रवण सिंह की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। अदालत ने याचिका को एक आवेदन के रूप में मानने और तय समयसीमा के भीतर फैसला लेने को कहा है।
याचिकाकर्ता के वकील अली मोहम्मद माज ने अदालत को बताया कि पार्टी ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत 27 मार्च 2026 को रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया था, जिसे चुनाव आयोग ने 30 मार्च को स्वीकार कर लिया था। वकील ने दलील दी कि कई महीने बीत जाने और बार-बार अनुरोध करने के बावजूद रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है, जिससे आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर असर पड़ रहा है।
याचिका में कहा गया है कि पार्टी का गठन 1 मार्च 2026 को हुई आमसभा में किया गया था और इसके बाद रजिस्ट्रेशन की अर्जी दी गई थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि नाम मंजूर होने के बाद ही अखबार में प्रकाशन होता है और चुनाव चिन्ह के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है। देरी के कारण राजनीतिक नुकसान हो रहा है, जिसके बाद हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को चार हफ्ते में फैसला लेने का निर्देश दिया है।