दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: दिव्यांगों के लिए फिल्में देखने लायक बनाने को लेकर सभी पक्ष करें बैठक

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिव्यांगजनों के लिए फिल्मों को सुलभ बनाने के वास्ते एक व्यापक और व्यावहारिक फ्रेमवर्क तैयार करने के लिए Union Ministry of Information and Broadcasting, Central Board of Film Certification और film producers सहित विभिन्न stakeholders को एक संयुक्त बैठक करने का निर्देश दिया है। Justice Swarana Kanta Sharma की अध्यक्षता वाली अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि यह मामला केवल 'Pushpa 2: The Rule' फिल्म तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए एक व्यापक समाधान की आवश्यकता है ताकि theatrical और OTT platforms दोनों पर समावेशिता सुनिश्चित की जा सके। अदालत ने आदेश दिया है कि यह बैठक एक सप्ताह के भीतर हो और आदेश के दो सप्ताह के भीतर इसका समाधान निकाला जाए।
यह निर्देश visually impaired lawyer Rahul Bajaj द्वारा दायर एक याचिका के बाद आया है, जिन्होंने तर्क दिया था कि accessibility features के बिना फिल्में रिलीज करना Rights of Persons of Disabilities Act, 2016 का उल्लंघन है। इन proceedings में Ministry of Information and Broadcasting के March 2024 के guidelines को भी ध्यान में रखा गया है, जो multi-lingual cinema releases के लिए कम से कम एक inclusive viewing option अनिवार्य करते हैं। अदालत ने stakeholders द्वारा systemic solution की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा के लिए अगली सुनवाई 11 सितंबर, 2026 को तय की है, जिसकी विस्तृत जानकारी ANI News रिपोर्ट में दी गई है।