हर्ष विहार में बिल्डिंग गिरने से मलबे में फंसे पिता-पुत्र, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, मंत्रियों ने किया दौरा

हर्ष विहार में बिल्डिंग गिरने से पिता-पुत्र मलबे में फंसे, NDRF और फायर ब्रिगेड का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी। मंत्रियों ने किया दौरा।

Kittu Kumari25 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
हर्ष विहार में बिल्डिंग गिरने से मलबे में फंसे पिता-पुत्र, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, मंत्रियों ने किया दौरा

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार स्थित मिलन गार्डन इलाके में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहां एक बिल्डिंग का हिस्सा ढह गया। इस हादसे में दो लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा और आशीष सूद ने मौके का दौरा किया और राहत कार्यों का जायजा लिया।

मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि फायर ब्रिगेड और नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) की टीमें मौके पर मौजूद हैं और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब तक किसी की जान नहीं गई है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मलबे में फंसे दो लोग पिता और पुत्र बताए जा रहे हैं।

अवैध निर्माण बना हादसे की वजह?

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हादसे के कारणों पर चर्चा करते हुए कपिल मिश्रा ने कहा कि पहली नजर में ऐसा लगता है कि बिल्डिंग में नया लिंटेल लगाने की कोशिश की जा रही थी, जिससे नीचे की मंजिल ढह गई और लोग उसमें फंस गए। उन्होंने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और मामले की गहन जांच के आदेश दिए।

मिश्रा ने सीमपुरी, सीलमपुर, मुस्तफाबाद और बाबरपुर में हाल ही में हुए इसी तरह के हादसों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि ये सभी घटनाएं अवैध निर्माण का सीधा नतीजा हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब नियमों को ताक पर रखकर निर्माण किया जाता है, तो ऐसे हादसे होते हैं।

वहीं, मंत्री आशीष सूद ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि इस लापरवाही के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, चाहे वह नगर निगम का अधिकारी हो या दिल्ली सरकार का, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं और कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

स्थानीय निवासियों के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब बिल्डिंग की ऊपरी मंजिल पर कंक्रीट की स्लैब डाली जा रही थी। पुरानी स्लैब कमजोर होने के कारण वह भार नहीं सह सकी और ऊपर की पूरी छत नीचे गिर गई, जिससे वहां मौजूद लोग मलबे में दब गए।

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