दिल्ली-हरिद्वार एक्सप्रेसवे: अब सिर्फ 90 मिनट में होगा सफर, नवंबर में शुरू होगी सुविधा
नितिन गडकरी ने दिल्ली-हरिद्वार एक्सप्रेसवे के नवंबर 2026 तक खुलने का ऐलान किया है, जिससे सफर का समय घटकर मात्र 90 मिनट रह जाएगा।

अगर आप दिल्ली से हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों में से एक हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार जल्द ही दिल्ली हरिद्वार एक्सप्रेसवे की सौगात देने जा रही है, जिससे इस सफर में लगने वाला समय घटकर मात्र 90 मिनट रह जाएगा। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को CII के नेशनल कॉन्फ्रेंस 'हाईवेज ऑफ इंडियाज फ्यूचर' के दौरान यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह एक्सप्रेसवे नवंबर 2026 तक आम जनता के लिए खुल जाएगा।
यह प्रोजेक्ट दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का एक हिस्सा है, जिसे 'स्पर टू हरिद्वार' के नाम से जाना जाता है। करीब 51 किलोमीटर लंबा यह सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे हरिद्वार शहर के भीतर होने वाले ट्रैफिक जाम और भीड़भाड़ को खत्म करेगा। यह रास्ता सहारनपुर के पास हलगोया के जरिए सीधे कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के मुताबिक, जून 2026 तक इस प्रोजेक्ट का 92% काम पूरा हो चुका था, जिसे कृष्णा कंस्ट्रक्शन द्वारा अंजाम दिया जा रहा है।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
इस नए एक्सप्रेसवे के चालू होने से न केवल दिल्ली, बल्कि मेरठ और सहारनपुर के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के कई जिलों जैसे अलवर, दौसा, सवाई माधोपुर, बुंदी, रतलाम, झाबुआ और दाहोद से आने वाले लोगों के लिए भी कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
मंत्री गडकरी ने बताया कि इस इंफ्रास्ट्रक्चर से धार्मिक पर्यटन में जबरदस्त उछाल आएगा। अब श्रद्धालु एक ही दिन में हरिद्वार की यात्रा कर वापस लौट सकेंगे। साथ ही, बद्रीनाथ और केदारनाथ जैसे चारधाम यात्रा स्थलों तक पहुंचना और भी आसान हो जाएगा। उन्होंने यह भी जिक्र किया कि चारधाम सड़क परियोजना का 80-85% काम पूरा हो चुका है, जिससे पर्यटकों की संख्या में पहले ही तीन गुना वृद्धि देखी गई है।
गडकरी ने देश में बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देते हुए कहा कि बेहतर सड़कों की वजह से नेशनल लॉजिस्टिक्स लागत 16% से घटकर अब 9% पर आ गई है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।