दिल्ली हाफ मैराथन: ओलंपिक चैंपियन शाउना मिलर-उइबो और भारत के एथलीटों ने साझा किए जीत के मंत्र

Kittu Kumari17 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली हाफ मैराथन: ओलंपिक चैंपियन शाउना मिलर-उइबो और भारत के एथलीटों ने साझा किए जीत के मंत्र

दिल्ली हाफ मैराथन 2026 की तैयारी के बीच राजधानी में एक बेहद खास चर्चा हुई। 'बियॉन्ड द फिनिश लाइन' नाम के एक पैनल डिस्कशन में दो बार की ओलंपिक चैंपियन शाउना मिलर-उइबो और भारत के एशियाई खेल विजेताओं ने एक मंच साझा किया। इस कार्यक्रम का मकसद केवल दौड़ की तैयारी नहीं, बल्कि एथलीटों के मानसिक संघर्ष, उनकी जड़ों और जीत के जुनून पर बात करना था।

इस चर्चा में भारत की उस ऐतिहासिक महिला 4x400 मीटर रिले टीम ने भी हिस्सा लिया, जिसने ऐची-नागोया एशियाई खेलों में भारत के लिए एथलेटिक्स में पहला स्वर्ण पदक जीता था। उनके साथ तीन पदक जीतने वाले दिग्गज धावक गुलवीर सिंह और नेशनल रिकॉर्ड बनाने वाले मैराथन रनर सवन बरवाल भी मौजूद रहे।

मैदान की जंग और जज्बे की कहानी

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

रिले टीम की सदस्य पूवम्मा एमआर ने बताया कि उनका लक्ष्य सिर्फ गोल्ड जीतना और तिरंगे को लहराते हुए राष्ट्रगान सुनना था। 23 सालों से दौड़ रही पूवम्मा का कहना है कि दौड़ना अब उनके लिए सिर्फ खेल नहीं बल्कि एक जुनून बन चुका है। वहीं, विथ्या रामराज ने उस रोमांचक पल को याद किया जब उन्होंने बाटन संभाला और तय किया कि अब यह रेस उन्हें ही जीतनी है। प्राची चौधरी ने भावुक होते हुए कहा कि यह गोल्ड सिर्फ चार लड़कियों की जीत नहीं, बल्कि पूरे भारत की जीत है।

मैराथन रनर सवन बरवाल ने अपनी संघर्ष भरी यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे हिमाचल के एक छोटे से गांव से, जहां ट्रैक तक नहीं था, वह भारतीय सेना के जरिए स्पोर्ट्स साइंस और ट्रेनिंग तक पहुंचे। सवन ने अपने नेशनल रिकॉर्ड रन के दौरान की मानसिक जंग का जिक्र करते हुए बताया कि 37 किलोमीटर के बाद दिमाग काम करना बंद कर देता है और केवल मानसिक मजबूती ही आपको फिनिश लाइन तक ले जाती है।

वहीं, ओलंपिक चैंपियन शाउना मिलर-उइबो ने मातृत्व और खेल के बीच संतुलन बनाने पर बात की। दो बच्चों की मां बन चुकी शाउना ने कहा कि खेल में वापसी पूरी तरह संभव है, बस आपके पास एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम यानी 'विलेज' होना चाहिए जो हर कदम पर आपका साथ दे।

  • रिले टीम: किरण पहल, पूवम्मा एमआर, प्राची चौधरी और विथ्या रामराज ने जीता गोल्ड।
  • गुलवीर सिंह: एशियाई खेलों में सिल्वर और ब्रोंज पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया।
  • सवन बरवाल: अप्रैल में बनाया नेशनल रिकॉर्ड, सेना के जरिए मिली ट्रेनिंग।
  • शाउना मिलर-उइबो: रियो और टोक्यो ओलंपिक की गोल्ड मेडलिस्ट।
Share:

Comments

Leave a comment