दिल्ली हाफ मैराथन 2026: खिताब जीतने के लिए दुनिया के दिग्गज धावक तैयार, इनामी राशि ने बढ़ाया रोमांच

राजधानी दिल्ली एक बार फिर दुनिया के बेहतरीन एथलीटों की मेजबानी के लिए तैयार है। दिल्ली हाफ मैराथन 2026 को लेकर अंतरराष्ट्रीय धावकों में जबरदस्त उत्साह है और उन्होंने इस प्रतियोगिता में अपनी जीत का भरोसा जताया है। वर्ल्ड एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रेस के रूप में मान्यता प्राप्त यह आयोजन रविवार को होने जा रहा है, जिसमें दुनिया भर के दिग्गज अपनी रफ्तार का जलवा बिखेरेंगे।
इस बार की प्रतियोगिता न केवल प्रतिष्ठा की लड़ाई है, बल्कि इसमें भारी इनामी राशि भी शामिल है। आयोजन समिति के अनुसार, इस संस्करण के लिए कुल प्राइज मनी 2,75,732 अमेरिकी डॉलर रखी गई है। पुरुष और महिला वर्ग के विजेताओं को 27,000 डॉलर each मिलेंगे। इसके अलावा, जो भी एथलीट कोर्स रिकॉर्ड तोड़ेगा, उसे 12,000 डॉलर का अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा।
दिग्गजों की नजरें खिताब पर
इथियोपिया के बिरहानु लेगेसे, जो इस मैराथन को दो बार जीत चुके हैं, अपनी तीसरी जीत दर्ज करने के इरादे से उतरे हैं। लेगेसे ने दिल्ली को अपना दूसरा घर बताया है और कहा कि उन्होंने दिग्गज एलीउड किपचोगे के साथ कापतागाट में कड़ी ट्रेनिंग की है। वहीं, केन्या के चार्ल्स माताता, जिन्होंने हाल ही में रीगा हाफ मैराथन जीती थी, अपनी निरंतरता और स्पीड के दम पर खिताब को चुनौती देने के लिए तैयार हैं।
महिला वर्ग में मुकाबला और भी दिलचस्प होगा। 2022 की चैंपियन इरिन चेप्टई, जिन्हें केन्या में 'क्वीन ऑफ इंडिया' कहा जाता है, एक बार फिर मैदान में हैं। हालांकि वह अभी रिकवरी फेज में हैं, लेकिन उनका लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। उनके साथ इजरायल का प्रतिनिधित्व करने वाली लोनाह चेमटाई साल्पेटर भी शामिल हैं, जो पहली बार भारत आ रही हैं और हैमस्ट्रिंग इंजरी से उबरने के बाद अपनी क्षमता परखेंगी।
भारतीय एथलीटों में भी इस बार जबरदस्त जोश देखा जा रहा है। पिछले साल उपविजेता रहे किरण मात्रे, 2024 की चैंपियन लिली दास, अंकिता ध्यानी और कार्तिक करकेरा जैसे खिलाड़ी घरेलू मैदान पर अपना दम दिखाने को बेताब हैं। लिली दास का मानना है कि भारतीय महिला वर्ग में अब मुकाबला बहुत कड़ा हो गया है और अंकिता ध्यानी जैसी धावकों की मौजूदगी उन्हें और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।