दिल्ली हाफ मैराथन 2026: सड़कों पर उतरे 40 हजार धावक, भूख के खिलाफ दौड़कर बनाया रिकॉर्ड

देश की राजधानी दिल्ली की सड़कें एक बार फिर जोश, जुनून और एकजुटता की गवाह बनीं। दिल्ली हाफ मैराथन 2026 में 40,000 से ज्यादा धावकों ने हिस्सा लेकर इस आयोजन को यादगार बना दिया। यह दौड़ सिर्फ फिटनेस के लिए नहीं, बल्कि #RunForZeroHunger अभियान के तहत भूख के खिलाफ एक बड़ी मुहिम के रूप में आयोजित की गई। इस इवेंट की शुरुआत दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वेदांता ग्रुप के सीईओ अरुण मिश्रा और वाइस एडमिरल अतुल आनंद के साथ मिलकर हरी झंडी दिखाकर की।
इस वर्ल्ड एथलेटिक्स गोल्ड लेबल इवेंट में अलग-अलग कैटेगरी रखी गई थीं, जिनमें हाफ मैराथन, पुलिस कप, एलीट कैटेगरी, दिव्यांग चैंपियंस, वरिष्ठ नागरिक दौड़, ओपन 10K और ग्रेट दिल्ली रन शामिल थे। प्रतियोगिता के दौरान केन्या के चार्ल्स माताता ने अपनी रफ्तार से सबको हैरान कर दिया। उन्होंने 58 मिनट 52 सेकंड में दौड़ पूरी कर पुरुषों का कोर्स रिकॉर्ड तोड़ दिया और अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। वहीं, महिलाओं की एलीट रेस में इथियोपिया की वुडिनेश आलेमु ने 1 घंटे 6 मिनट 35 सेकंड में जीत हासिल की।
खेल के साथ सामाजिक सरोकार: 50 लाख मील का योगदान
इस मैराथन की सबसे खास बात यह रही कि हर किलोमीटर की दौड़ एक जरूरतमंद बच्चे या जानवर के लिए एक भोजन (मील) के बराबर थी। अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के 'नंद घर' और 'TACO' पहल के जरिए इस बार प्रतिभागियों ने 50 लाख मील का योगदान दिया। वेदांता की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने बताया कि #RunForZeroHunger के माध्यम से अब तक पांच संस्करणों में 2 करोड़ 70 लाख से अधिक मील जुटाए जा चुके हैं।
भारतीय एथलीटों की बात करें तो भारतीय एलीट कैटेगरी में शैलेश कुशवाहा और अंकिता ध्यानी ने अपने-अपने वर्ग में जीत दर्ज की। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक सशक्त माध्यम भी बन सकते हैं। वेदांता अब राजस्थान, गोवा, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों में फुटबॉल, तीरंदाजी और हॉकी जैसे खेलों को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।