दिल्ली में H1N1 स्वाइन फ्लू के मामलों में भारी उछाल, विशेषज्ञ टीकाकरण पर दे रहे जोर

दिल्ली में H1N1 (स्वाइन फ्लू) के मामलों में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अगस्त 2026 की शुरुआत तक आधिकारिक रिपोर्ट्स के अनुसार 1,344 से 1,449 कंफर्म मामले सामने आए हैं। यह आंकड़ा पिछले साल इसी अवधि में दर्ज किए गए लगभग 229 मामलों की तुलना में लगभग छह गुना अधिक है। स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने कहा है कि सरकार ने दवाओं, हॉस्पिटल बेड्स और वेंटिलेटर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली है और सरकारी सुविधाएं मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
मरीजों की श्रेणियां और क्षेत्रीय असर
डायरेक्टरेट ऑफ हेल्थ सर्विसेज ने इलाज को आसान बनाने और अनियंत्रित टेस्टिंग को रोकने के लिए लक्षणों की गंभीरता के आधार पर मरीजों को बांटा है, जिसमें गंभीर लक्षण वाले लोगों की H1N1 जांच को प्राथमिकता दी जा रही है। 10 अगस्त 2026 तक स्वास्थ्य विभाग की तरफ से स्कूलों के लिए कोई खास एडवाइजरी जारी नहीं की गई है। दिल्ली इसका मुख्य केंद्र बना हुआ है, वहीं इसका क्षेत्रीय असर भी दिख रहा है, जहां 18 अगस्त 2026 को मेरठ में तीन नए मामले सामने आए, जिनमें एक महिला, उसका बेटा और एक 55 साल का पुरुष शामिल हैं।
विशेषज्ञों की सलाह और टीकाकरण
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल ओखला के डॉ. आर.एस. मिश्रा, एम्स दिल्ली के डॉ. संजीव सिन्हा, संत परमानंद हॉस्पिटल के डॉ. दिपांशु गुप्ता, मणिपाल हॉस्पिटल द्वारका की डॉ. अंकिता वैद्य और नेफ्रॉन Clínics के डॉ. संजीव बाई सहित कई मेडिकल एक्सपर्ट्स फ्लू वैक्सीनेशन पर जोर दे रहे हैं। डॉ. मिश्रा ने बताया कि टीके हाई-रिस्क ग्रुप के लिए बहुत जरूरी हैं, साथ ही इन्हें व्यापक रूप से लेने की सलाह दी जाती है क्योंकि स्वस्थ लोग भी गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं और वायरस फैला सकते हैं। हाई-रिस्क कैटेगरी में पांच साल से कम उम्र के बच्चे, 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और डायबिटीज, अस्थमा, हाइपरटेंशन, सीओपीडी, मोटापा या कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग शामिल हैं।
लक्षण और बचाव के उपाय
H1N1 के आम लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द, सिरदर्द, ठंड लगना और थकान शामिल है, साथ ही बच्चों में कभी-कभी उल्टी और दस्त भी हो सकते हैं। एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द या अचानक हालत बिगड़ने पर तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए। यह वायरस सांस की बूंदों और दूषित सतहों से फैलता है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बार-बार हाथ धोने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने और एंटीबायोटिक दवाओं से खुद इलाज न करने की सलाह दी है क्योंकि H1N1 एक वायरल इन्फेक्शन है।