दिल्ली में H1N1 इन्फ्लूएंजा (स्वाइन फ्लू) के मामलों में भारी उछाल, स्वास्थ्य अधिकारियों ने की तैयारियों की समीक्षा

दिल्ली-एनसीआर में H1N1 इन्फ्लूएंजा यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अपर रेस्पिरेटरी लक्षणों वाले मरीजों की संख्या और पॉजिटिव मामलों में भारी इजाफा हुआ है। 20 अगस्त 2026 को सामने आए आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में 159 नए इन्फ्लूएंजा संक्रमणों में से 114 नए H1N1 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही इस साल कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1,777 हो गई है। यह पिछले साल इसी अवधि के दौरान दर्ज किए गए 229 मामलों की तुलना में लगभग छह गुना अधिक वृद्धि है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए AN News Report पर विजिट कर सकते हैं।
उच्च स्तरीय बैठक और स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा
मामलों में इस अचानक वृद्धि के बाद, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने 21 अगस्त 2026 को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक में राष्ट्रीय निगरानी, महामारी के रुख और अस्पतालों की तैयारियों पर चर्चा की गई। इसमें एम्स दिल्ली, राम मनोहर Lohia अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल और फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट गुरुग्राम जैसे संस्थान शामिल हैं। मंत्री नड्डा ने निरंतर सतर्कता, शुरुआती पहचान और समय पर क्लिनिकल मैनेजमेंट की आवश्यकता पर जोर दिया।
अस्पतालों की तैयारी और विशेषज्ञों की राय
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने अगस्त की शुरुआत में बताया था कि सरकारी अस्पताल पूरी तरह तैयार हैं और H1N1 से जुड़ी कोई भी मौत आधिकारिक तौर पर दर्ज नहीं की गई है। हालांकि, आम आदमी पार्टी ने चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से जन जागरूकता बढ़ाने और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। नगर निगम सहित स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों को निगरानी प्रोटोकॉल तेज करने का निर्देश दिया गया है। शारदाकेयर-हेल्थसिटी के डॉ. चिराग टंडन और एम्स के डॉ. नीरज निश्चल सहित विशेषज्ञों ने इस वृद्धि का कारण मौसमी मानसून बदलाव और बदलते मौसम को बताया है।
बचाव के उपाय और डॉक्टरों की सलाह
स्वास्थ्य अधिकारियों ने जनता को सेल्फ-मेडिकेशन से बचने की सलाह दी है। हाथों की साफ-सफाई, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना और पर्याप्त पोषण जैसे एहतियाती कदम उठाने पर जोर दिया गया है। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा या डायबिटीज जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। यदि किसी को सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई, भ्रम या लक्षणों के अचानक बिगड़ने जैसे चेतावनी संकेत महसूस होते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की गई है।