दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर प्रदूषण नियमों की सख्ती, साप्ताहिक बाजार ने बढ़ाई मुसीबत
दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर BS-VI नियमों की जांच के बीच साप्ताहिक बाजार ने बढ़ाई मुश्किलें, भारी ट्रैफिक जाम और ई-चालान की कार्रवाई।

राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है, लेकिन दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर तैनात टीमों को रविवार को एक अजीब चुनौती का सामना करना पड़ा। दरअसल, कापशेरा क्रॉसिंग पर लगने वाले साप्ताहिक बाजार की भीड़ ने दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर प्रदूषण नियम लागू करने वाली टीमों के काम में बड़ी रुकावट पैदा कर दी। इस भीड़भाड़ की वजह से न केवल वाहनों की चेकिंग में दिक्कत आई, बल्कि इलाके में ट्रैफिक का दबाव भी काफी बढ़ गया।
प्रशासन ने सर्दियों के दौरान प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। इसके तहत दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड ऐसे पेट्रोल और डीजल वाहन, जो BS-VI मानकों के अनुरूप नहीं हैं, उन्हें राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह पाबंदी 31 जनवरी 2027 तक लागू रहेगी। नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए राजोकरी और कापशेरा सहित 13 प्रमुख एंट्री पॉइंट्स और टोल प्लाजा पर करीब 250 कर्मियों को तैनात किया गया है।
तकनीक और मैनपावर से हो रही है निगरानी
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें काम कर रही हैं। केवल फिजिकल चेकिंग ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा निम्नलिखित माध्यमों से वाहनों की पहचान की जा रही है:
- ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे
- रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) सिस्टम
- 'वाहन' डेटाबेस के जरिए ऑनलाइन वेरिफिकेशन
रविवार को जब यह अभियान चल रहा था, उसी समय साप्ताहिक बाजार की वजह से सिरहौल टोल प्लाजा और दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ट्रैफिक पुलिस की टीमें लगातार उन वाहनों को चिन्हित कर रही हैं जो उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते। ऐसे वाहनों के खिलाफ ई-चालान काटे जा रहे हैं और कई गाड़ियों को जब्त भी किया गया है। प्रशासन का साफ तौर पर कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण योजना की सफलता के लिए इन नियमों का पालन अनिवार्य है।