दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर BS-IV वाहनों की चेकिंग गायब, नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां
दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर BS-IV वाहनों के प्रवेश पर रोक के बावजूद पुलिस चेकिंग नदारद, जानें क्या है प्रदूषण नियंत्रण का नया नियम।

सर्दियों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। दिल्ली गुरुग्राम बॉर्डर वाहन चेकिंग के नाम पर केवल कागजी कार्रवाई होती दिख रही है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर BS-IV उत्सर्जन मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध तो लगाया गया है, लेकिन बॉर्डर पर इसे लागू करने वाली पुलिस नदारद है।
सरहोल-राजोकरी बॉर्डर जैसे प्रमुख प्रवेश द्वारों पर देखा गया कि वहां न तो दिल्ली पुलिस की तैनाती थी और न ही गुरुग्राम पुलिस के जवान वाहनों की जांच कर रहे थे। आमतौर पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को रोकने के लिए जो बैरिकेडिंग लगाई जाती है, उसका भी कहीं कोई नामोनिशान नहीं दिखा।
प्रदूषण नियंत्रण नियमों की अनदेखी
बता दें कि दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत BS-III और BS-IV श्रेणी के वाहनों का राजधानी में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। हालांकि, पहले दिन तो सख्ती दिखाई गई, लेकिन उसके बाद निरीक्षण टीमों की मौजूदगी काफी कम हो गई है।
- ट्रैफिक का हाल: भले ही चेकिंग न हो रही हो, लेकिन NH-48 पर एम्बिएंस मॉल के पास और पुरानी दिल्ली-गुरुग्राम रोड पर ट्रैफिक का दबाव बेहद ज्यादा है और भारी जाम लग रहा है।
- तकनीकी निगरानी का दावा: परिवहन अधिकारियों का कहना है कि वे निगरानी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि अब फिजिकल चेकिंग के बजाय ANPR कैमरों और RFID सिस्टम के जरिए नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान की जा रही है।
ऐसे में वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी कानूनी कार्रवाई या जुर्माने से बचने के लिए 'परिवहन' डेटाबेस के माध्यम से अपने वाहन के रजिस्ट्रेशन और उत्सर्जन मानकों की जांच कर लें, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनका वाहन वर्तमान नियमों के अनुरूप है या नहीं।