दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: गेस्ट टीचर्स को अब मिलेगी मंथली सैलरी, नवंबर से लागू होगा नया सिस्टम

Kittu Kumari21 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: गेस्ट टीचर्स को अब मिलेगी मंथली सैलरी, नवंबर से लागू होगा नया सिस्टम

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में काम कर रहे हजारों गेस्ट टीचर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय (DoE) ने उनके वेतन भुगतान के तरीके में एक बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है। अब तक गेस्ट टीचर्स को उनके काम के दिनों के हिसाब से 'पर-डे' पेमेंट किया जाता था, लेकिन नए प्रस्ताव के मुताबिक अब उन्हें एक फिक्स्ड मंथली सैलरी दी जाएगी। यह व्यवस्था नवंबर 2026 से लागू करने की योजना है, जिसके लिए वित्त विभाग से मंजूरी का इंतजार है।

इस नए वेतन ढांचे के तहत, शिक्षकों को बेसिक पे के साथ 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) दिया जाएगा। हालांकि, यह ध्यान देना जरूरी है कि इस सैलरी पैकेज में हाउस रेंट अलाउंस (HRA) या अन्य कोई अतिरिक्त भत्ता शामिल नहीं होगा। महंगाई भत्ते में समय-समय पर सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार बदलाव किए जाएंगे।

जानिए किसे कितनी मिलेगी सैलरी और क्या होंगे नियम

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शिक्षा निदेशालय ने अलग-अलग श्रेणियों के शिक्षकों के लिए वेतन का ब्यौरा इस प्रकार तय किया है:

  • PGT (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर): इन्हें कुल 76,160 रुपये महीना मिलेगा (47,600 बेसिक पे + 28,560 DA)।
  • TGT (ट्रेन्ड ग्रेजुएट टीचर): इन्हें कुल 71,840 रुपये महीना मिलेगा (44,900 बेसिक पे + 26,940 DA)।
  • PRT (प्राइमरी टीचर): इन्हें कुल 56,640 रुपये महीना मिलेगा (35,400 बेसिक पे + 21,240 DA)।

छुट्टियों के नियमों की बात करें तो गेस्ट टीचर्स को एक वित्तीय वर्ष में प्रो-राटा आधार पर 8 दिन की आकस्मिक छुट्टी (CL) मिलेगी। इन छुट्टियों को न तो कैश कराया जा सकेगा और न ही अगले साल के लिए जोड़ा जा सकेगा। अगर कोई शिक्षक निर्धारित छुट्टियों से ज्यादा अनुपस्थित रहता है, तो उसकी मंथली सैलरी में से एक-तीसवां हिस्सा काट लिया जाएगा।

एक राहत की बात यह है कि जो शिक्षक गर्मियों या सर्दियों की छुट्टियों से पहले लगातार काम कर रहे होंगे, उन्हें छुट्टियों के दौरान भी यह फिक्स्ड मंथली वेतन मिलता रहेगा। हालांकि, विभाग ने यह साफ कर दिया है कि इस बदलाव से शिक्षकों का कॉन्ट्रैक्ट स्टेटस नहीं बदलेगा और न ही यह उन्हें स्थायी नौकरी (Regularization) का कोई कानूनी अधिकार देगा। इस कदम से दिल्ली के करीब 20,000 से अधिक गेस्ट टीचर्स को वित्तीय स्थिरता मिलेगी।

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