दिल्ली सरकार ने अगस्त 2026 में सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार हाई-रिस्क अंडरट्रायल प्रिजनर्स, गैंगस्टर्स और ऑर्गेनाइज्ड क्रिमिनल्स को दूसरे राज्यों की जेलों में ट्रांसफर करने की योजना फाइनल कर ली है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य खतरनाक अपराधियों को दिल्ली की जेलों के अंदर से गवाहों को प्रभावित करने और चल रही ट्रायल की कार्यवाही में बाधा डालने से रोकना है।
यह पॉलिसी 'Transfer of Prisoners (Punjab Amendment) Act, 2025' को अपनाकर लागू की जाएगी। यह कानून 1950 के पुराने एक्ट में मौजूद उस कानूनी कमी को दूर करता है जिसके तहत पहले केवल सजायाफ्ता कैदियों को ही दूसरे राज्यों में ट्रांसफर करने की अनुमति थी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस कदम का मकसद जेल की सुरक्षा बढ़ाना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और व्यापक जनहित में काम करना है।
इस प्रक्रिया के लिए Ministry of Home Affairs से मंजूरी और संबंधित राज्य सरकारों की आपसी सहमति की आवश्यकता होगी। अधिकारियों का लक्ष्य जेलों के भीतर टारगेटेड किलिंग, एक्सटॉर्शन, धमकियों और आपराधिक साजिशों जैसी हिंसक गतिविधियों को रोकना है। मई 2026 तक, अधिकारियों ने इस क्षेत्र में सक्रिय 26 अलग-अलग गैंग्स से जुड़े 188 सदस्यों की पहचान की है, जिनमें से 107 व्यक्ति वर्तमान में गिरफ्तार हैं। इस पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी
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