दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी की जेलों में सुरक्षा सुधारने और संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए एक नई योजना पर काम कर रही है। इसके तहत हाई-रिस्क कैदियों और अंडरट्रायल गैंगस्टर्स को दूसरे राज्यों की जेलों में ट्रांसफर किया जाएगा। दिल्ली की Chief Minister Rekha Gupta ने इस बात की जानकारी दी है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन क्रिमिनल नेटवर्क को तोड़ना है जो दिल्ली की जेलों के अंदर से हिंसा, एक्सटॉर्शन और गैंगवार चला रहे हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए UNI India की रिपोर्ट देख सकते हैं।
इन कैदियों को दूसरी जगहों पर भेजने के लिए सरकार Transfer of Prisoners (Punjab Amendment) Act, 2025 लागू करेगी, जिसे April 2025 में राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है। साल 1950 के पुराने कानून में मुख्य रूप से सजायाफ्ता कैदियों पर ध्यान दिया गया था, लेकिन यह नया संशोधित कानून अंडरट्रायल कैदियों के राज्यों के बीच ट्रांसफर के लिए एक कानूनी ढांचा प्रदान करता है। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रक्रिया के लिए संबंधित राज्य सरकारों की सहमति या Union Ministry of Home Affairs की मंजूरी की जरूरत होगी। इसके अलावा, सभी जरूरी न्यायिक प्रक्रियाएं Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 के तहत पूरी की जाएंगी। इस बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए
PTI News की रिपोर्ट देखें।
May 2026 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली की जेलों में 26 अलग-अलग गैंग्स के 188 पहचाने गए सदस्य बंद हैं, जिनमें से 107 को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों का मानना है कि इन खतरनाक अपराधियों को दूसरी जगह शिफ्ट करने से वे अपने साथियों से अलग हो जाएंगे, गवाहों को डराना-धमकाना बंद होगा और चल रही आपराधिक साजिशों पर रोक लगेगी। Chief Minister Gupta ने इस बात पर जोर दिया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने, पब्लिक सेफ्टी सुनिश्चित करने और आपराधिक मुकदमों की निष्पक्षता की रक्षा के लिए यह नीति बेहद जरूरी है।