दिल्ली में रामलीला की तैयारियां तेज, समितियों को पूरा सहयोग देगी सरकार

राजधानी दिल्ली में रामलीला के उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं और दिल्ली सरकार ने इस बार आयोजन को भव्य और सुगम बनाने का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि रामलीला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और भगवान श्री राम की शिक्षाओं का जीवंत प्रतीक है, जिसे पीढ़ियों से सहेज कर रखा गया है। रविवार को मुख्यमंत्री के जन सेवा सदन में विभिन्न रामलीला समितियों के साथ हुई बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सरकार हर संभव मदद के लिए तैयार है।
पिछले साल की सफलता को देखते हुए, सरकार ने इस बार भी सिंगल-विंडो सिस्टम को जारी रखने का फैसला किया है। इससे रामलीला समितियों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने में आसानी होगी और समय की बचत होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस साल विभागों के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत किया गया है और निर्वाचित प्रतिनिधि सीधे समितियों के संपर्क में रहेंगे ताकि किसी भी समस्या का तुरंत समाधान हो सके।
त्योहारों के लिए बनीं तीन विशेष कमेटियां
आगामी उत्सवों के बेहतर प्रबंधन के लिए दिल्ली सरकार ने तीन विशेष कमेटियां गठित की हैं, जो रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पूजा की निगरानी करेंगी। इन कमेटियों का मुख्य काम आयोजन स्थलों का चयन करना और वहां सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट, साफ-सफाई, बिजली और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना है।
रामलीला के विशेष इंतजामों के लिए सामाजिक कल्याण, एससी/एसटी कल्याण, सहकारिता और चुनाव मंत्री रविंद्र इंद्रज सिंह की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में विधायक अशोक गोयल, अनिल कुमार शर्मा, श्याम शर्मा, संजय गोयल और संदीप सहरावत शामिल हैं। यह टीम जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों के माध्यम से सिंगल-विंडो सिस्टम से NOC जारी करने और पीने के पानी, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, मोबाइल टॉयलेट्स और एंटी-फॉगिंग जैसे इंतजामों की देखरेख करेगी।
इसके अलावा, यह कमेटी आयोजन के दौरान पर्यावरण संरक्षण, 'वोकल फॉर लोकल', जल संरक्षण और 'नशा मुक्त भारत' जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक संदेशों को लोगों तक पहुंचाने का काम भी करेगी। वहीं, दुर्गा पूजा और छठ पूजा के प्रबंधन की जिम्मेदारी कला, संस्कृति और भाषा मंत्री कपिल मिश्रा की अध्यक्षता वाली अलग कमेटी को सौंपी गई है।