दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों को देना होगा वैधानिक बोनस
दिल्ली सरकार ने FY 2025-26 के लिए कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारियों को वैधानिक बोनस देने का आदेश जारी किया है। जानें पात्रता और नियम।

दिल्ली सरकार ने शहर में काम करने वाले कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक राहत भरी खबर दी है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सभी पात्र कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों को वैधानिक बोनस (Statutory Bonus) दिया जाए। यह आदेश 'कोड ऑन वेजेस, 2019' के तहत लागू किया गया है, जिससे अब निजी ठेकेदारों और नियोक्ताओं की जवाबदेही तय होगी।
इस नियम के मुताबिक, वे सभी संस्थान जहां 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं, वहां इस बोनस का भुगतान करना अनिवार्य होगा। खास बात यह है कि यदि ठेकेदार बोनस देने में लापरवाही बरतते हैं, तो मुख्य नियोक्ता (Principal Employer) को कानूनी तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा। यदि भुगतान नहीं किया गया, तो इसे भू-राजस्व (land revenue) की तरह वसूलने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
कौन होगा पात्र और कितनी मिलेगी राशि?
बोनस का लाभ उठाने के लिए कर्मचारियों को कुछ शर्तों को पूरा करना होगा। सबसे पहले, कर्मचारी का मासिक वेतन 21,000 रुपये तक होना चाहिए। साथ ही, उसे वित्तीय वर्ष 2025-26 की लेखा अवधि के दौरान कम से कम 30 कार्य दिवस पूरे करने होंगे।
बोनस की राशि के बारे में विवरण इस प्रकार है:
- न्यूनतम बोनस: वेतन का 8.33 प्रतिशत।
- अधिकतम बोनस: वेतन का 20 प्रतिशत (यह संस्थान के उपलब्ध सरप्लस पर निर्भर करेगा)।
- गणना: बोनस की गणना कर्मचारी के मासिक वेतन या अधिसूचित वैधानिक न्यूनतम वेतन, जो भी अधिक हो, उसके आधार पर की जाएगी।
सरकार ने भुगतान की समयसीमा भी तय कर दी है। सभी पात्र श्रमिकों को 30 नवंबर, 2026 तक बोनस का भुगतान करना होगा। इसके अलावा, नियोक्ताओं को भुगतान के 30 दिनों के भीतर दिल्ली श्रम विभाग को 'फॉर्म डी' में वार्षिक रिटर्न दाखिल करना होगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने भी ग्रुप सी और गैर-राजपत्रित ग्रुप बी कर्मचारियों के लिए 6,908 रुपये के एड-हॉक बोनस की घोषणा की है, लेकिन दिल्ली सरकार का यह ताजा निर्देश विशेष रूप से निजी ठेकेदारों और आउटसोर्स वर्कफोर्स के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए है।