दिल्ली सरकार दीपावली तक लगाएगी स्मार्ट एलईडी स्ट्रीटलाइट्स, जानें पूरी योजना

दिल्ली सरकार ने एक बड़ी घोषणा के तहत लगभग 93,000 से 96,000 पुरानी हाई प्रेशर सोडियम वेपर लाइटों और पुरानी एलईडी लाइटों को आधुनिक स्मार्ट एलईडी सिस्टम से बदलने का फैसला किया है। इसके साथ ही 5,000 नए पोल भी लगाए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री परवेश साहिब सिंह ने 24 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य दिवाली तक 20,000 स्मार्ट लाइटें लगाना है। इस पूरी परियोजना का लक्ष्य जनवरी 2027 तक कुल 1,00,000 लाइटें लगाने का है, जिसकी जानकारी UNI India की रिपोर्ट में दी गई है।
परियोजना की लागत और मुख्य उद्देश्य
इस योजना की अनुमानित लागत 473.24 करोड़ रुपये है। इसका मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा को बढ़ाना और रोशनी के स्तर को 10-15 लग्क्स से बढ़ाकर लगभग 40 लग्क्स करना है। इस पहल से पांच साल में लगभग 300 करोड़ रुपये की बिजली की बचत होने की उम्मीद है। सरकार का यह कदम शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए उठाया गया है।
कंट्रोल सेंटर और सख्त नियम
इस प्रोजेक्ट की एक मुख्य विशेषता पीडब्ल्यूडी मुख्यालय में एक सेंट्रलाइज्ड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना करना है। यह सुविधा सभी स्ट्रीटलाइट्स की रीयल-टाइम निगरानी करेगी जिससे कम ट्रैफिक वाले समय में डिमिंग और खराबी का तुरंत पता लगाया जा सकेगा। सरकार "नो परफॉर्मेंस, नो पेमेंट" मॉडल लागू कर रही है जिसके तहत ठेकेदारों को मासिक भुगतान परिचालन स्थिति के आधार पर किया जाएगा। जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए तय समय से अधिक समय तक खराब रहने वाली हर स्ट्रीटलाइट पर 2,000 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और विशेष रूप से महिलाओं के लिए सुरक्षित सड़कें सुनिश्चित करना है।