दिल्ली सरकारी स्कूलों में नहीं मिल रही इडली-सांबर, डेडलाइन बीती पर तैयारी अधूरी

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब मिड डे मील में इडली-सांबर खिलाने की योजना फिलहाल कागजों तक ही सिमटी नजर आ रही है। शिक्षा निदेशालय (DoE) द्वारा तय की गई 24 अगस्त, 2026 की समय सीमा बीत जाने के बाद भी स्कूलों में यह बदलाव नहीं आया है। पीएम-पोषण (PM-POSHAN) योजना के तहत मेन्यू में बदलाव कर इडली-सांबर को शामिल किया गया था, लेकिन छात्र अब भी पुराने मेन्यू के अनुसार ही भोजन पा रहे हैं।
बुनियादी सुविधाओं और फंड की कमी बनी बड़ी बाधा
इस देरी के पीछे सबसे बड़ी वजह स्कूलों में बुनियादी ढांचे और जरूरी उपकरणों का न होना बताया जा रहा है। गवर्नमेंट स्कूल प्रिंसिपल्स एसोसिएशन के एक सदस्य के अनुसार, स्कूलों की रसोई में इतनी बड़ी मात्रा में इडली बनाने के लिए जरूरी मशीनें और बर्तन उपलब्ध नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि विशेष कुकिंग उपकरणों, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षित कर्मचारियों के लिए फंड की कमी के कारण यह कार्यान्वयन रुका हुआ है।
बता दें कि 11 अगस्त को जब मेन्यू संशोधित किया गया था, तब शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को दो हफ्ते का समय दिया था ताकि वे जरूरी सामग्री और उपकरणों का इंतजाम कर सकें। हालांकि, स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) के सदस्यों ने पुष्टि की है कि लॉजिस्टिक चुनौतियों के कारण यह बदलाव अब तक नहीं हो पाया है।
इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए जोनल और जिला शिक्षा अधिकारियों को फील्ड रिपोर्ट जमा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन 15 अक्टूबर, 2026 तक की स्थिति यह है कि एनजीओ और सेंट्रलाइज्ड किचन ऑपरेटर जैसे लागू करने वाली एजेंसियां अभी तक अपनी शर्तें पूरी नहीं कर पाई हैं, जिससे बच्चों के मेन्यू में विविधता लाने की यह कोशिश अधर में लटकी हुई है।