दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: 4,000 पब्लिक हेल्थ वर्कर्स के वेतन में भारी बढ़ोतरी
दिल्ली सरकार ने MCD के 4000 पब्लिक हेल्थ वर्कर्स का वेतन बढ़ाकर 18,000 रुपये किया। जानें इस फैसले की पूरी जानकारी।

दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं में जुटे हजारों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नगर निगम (MCD) के पब्लिक हेल्थ विभाग में कार्यरत लगभग 4,000 मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) के वेतन में बड़ा संशोधन करने का ऐलान किया है। इन कर्मचारियों को अब 'समान काम के लिए समान वेतन' के सिद्धांत के तहत न्यूनतम 18,000 रुपये मासिक वेतन मिलेगा, जिसके साथ उन्हें महंगाई भत्ता (DA) भी दिया जाएगा।
ये कर्मचारी पहले डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स (DBC) के नाम से जाने जाते थे। मुख्यमंत्री ने इस फैसले को इन कर्मचारियों के करीब 30 वर्षों के समर्पण का सम्मान बताया। गौरतलब है कि इनमें से कई कर्मियों की भर्ती साल 1996 में आए डेंगू के प्रकोप के दौरान हुई थी। मेयर प्रवेश वाही ने पुष्टि की है कि संशोधित वेतन की राशि सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई है। सरकार के मुताबिक, इस पहल से सालाना करीब 52 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों की कड़ी
दिल्ली सरकार पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य क्षेत्र के कर्मियों की स्थिति सुधारने पर जोर दे रही है। इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं:
- आशा वर्कर्स को लाभ: सितंबर 2026 में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल और महामारी के दौरान उनकी अहम भूमिका को देखते हुए आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं के मासिक प्रोत्साहन को 3,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये किया गया था।
- निर्माण श्रमिकों के लिए योजना: जून 2026 में दिल्ली कैबिनेट ने 'दिल्ली बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन वर्कर्स हेल्थ स्कीम' को मंजूरी दी, जिससे करीब 2.7 लाख पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के परिवारों को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा।
इसके अलावा, उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने 'दिल्ली स्टेट एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन्स काउंसिल रूल्स, 2025' को मंजूरी दी है। यह नियम नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन्स एक्ट, 2021 के अनुरूप बनाए गए हैं, जिससे स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और पूर्णकालिक नेतृत्व पदों का रास्ता साफ होगा।