दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: तिहाड़ जेल को नरेला शिफ्ट करने की योजना, 200 एकड़ जमीन की तलाश

दिल्ली सरकार तिहाड़ जेल को घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों से बाहर ले जाने के लिए नरेला में 200 एकड़ जमीन पर नई जेल बनाने की योजना पर काम कर रही है। गृह विभाग के नेतृत्व और दिल्ली विकास प्राधिकरण के समर्थन से चल रही इस पहल का उद्देश्य शहरी सुरक्षा को बेहतर बनाना और जेल की मौजूदा केंद्रीय स्थिति के कारण आने वाली ट्रैफिक संबंधी समस्याओं को हल करना है। जुलाई 2026 में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नरेला में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत वाली एक हाई-सिक्योरिटी जेल की आधारशिला रखी थी, जिसे आधुनिक मल्टी-लेयर सुरक्षा प्रणालियों और उन्नत निगरानी के साथ उच्च जोखिम वाले कैदियों को रखने के लिए डिजाइन किया गया है।
नरेला में अतिरिक्त सुविधा और निर्माण योजना
हाई-सिक्योरिटी साइट के अलावा, अधिकारियों ने 27 एकड़ में फैली एक और अतिरिक्त सुविधा की योजना की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य ग्राउंड-प्लस-टू-फ्लोर स्ट्रक्चर में लगभग 1,500 कैदियों को रखना है। भौतिक स्थानांतरण के साथ-साथ, प्रशासन ई-प्रिजन प्लेटफॉर्म के माध्यम से कैदियों और आगंतुकों के लिए आधार प्रमाणीकरण प्रक्रिया में तेजी ला रहा है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (National Informatics Centre) द्वारा विकसित इस डिजिटल एकीकरण का उद्देश्य सुरक्षा प्रोटोकॉल में सुधार करना और राष्ट्रीय राजधानी की जेल प्रणाली के लिए सुशासन के व्यापक आदेशों के साथ कैदियों के लाभ वितरण को सुव्यवस्थित करना है।