दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: बायोमेट्रिक मशीनों से छेड़छाड़ रोकने के लिए अब लगेगा CCTV, दिए सख्त निर्देश

दिल्ली सरकार ने अपने सभी दफ्तरों में लगी बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीनों (biometric attendance devices) की सुरक्षा के लिए CCTV सर्विलांस अनिवार्य कर दिया है। यह आदेश मशीनों के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ (sabotage) की रिपोर्ट सामने आने के बाद जारी किया गया है। सर्विस इंजीनियरों की जांच में बार-बार खराब हो रही मशीनों के अंदर पानी मिलने की बात सामने आई थी, जबकि आसपास कोई पानी का स्रोत या पाइपलाइन नहीं थी। इससे अधिकारियों को शक हुआ कि कर्मचारी अटेंडेंस से बचने के लिए ऐसा कर रहे हैं।
- दिल्ली सरकार के दफ्तरों में बायोमेट्रिक मशीनों पर नजर रखने के लिए अनिवार्य CCTV लगाने का आदेश।
- मशीनों के अंदर पानी मिलने और तोड़फोड़ की शिकायतों के बाद लिया गया एक्शन।
- यह समस्या मुख्य रूप से सोशल कल्याण विभाग (Social Welfare Department) और उसके दफ्तरों में आ रही है।
- कर्मचारियों को लेट आने या अटेंडेंस न लगाने पर सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
कहाँ आ रही है सबसे ज्यादा समस्या
यह मामला मुख्य रूप से सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट (Social Welfare Department), उसके डिस्ट्रिक्ट ऑफिस, वेलफेयर होम और संस्थानों से जुड़ा हुआ है। केयरटेकिंग ब्रांच (CTB) को मशीनों के खराब होने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद विभाग के हेडक्वार्टर में एक हाई-लेवल मीटिंग बुलाई गई। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने अप्रैल 2026 में ही सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य कर दी थी।
क्या दिए गए हैं नए निर्देश और कार्रवाई
इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सभी दफ्तरों को नोडल ऑफिसर (nodal officers) नियुक्त करने और तय फॉर्मेट में रोजाना की बायोमेट्रिक अटेंडेंस रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है कि अगर वे लेट आते हैं, अटेंडेंस नहीं लगाते हैं या समय से पहले चले जाते हैं, तो उनके खिलाफ डिसिप्लिनरी एक्शन (disciplinary action) लिया जाएगा।
मोबाइल आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम पर भी विचार
इसके अलावा, सरकार फील्ड ऑफिसर्स के लिए मोबाइल-बेस्ड, आधार-इनेबल फेस रिकग्निशन अटेंडेंस सिस्टम (Aadhaar-enabled face recognition attendance system) की तकनीकी संभावनाओं पर भी विचार कर रही है। इस प्रस्तावित सिस्टम को रियल-टाइम जियो-लोकेशन ट्रैकिंग (geo-location tracking) से जोड़ा जाएगा। आईटी ब्रांच को इस तकनीक पर एक फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने का काम सौंपा गया है। 18 और 19 अगस्त 2026 तक, सरकार ने मशीनों की सुरक्षा और संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा बायोमेट्रिक मशीनों को अनिवार्य CCTV मॉनिटरिंग के दायरे में लाने के आदेश को पक्का कर दिया है।