रेस कोर्स मस्जिद मामला: दिल्ली सरकार 4 हफ्ते में अधिसूचित करेगी वक्फ ट्रिब्यूनल
दिल्ली हाई कोर्ट में रेस कोर्स मस्जिद मामले की सुनवाई के दौरान सरकार ने वक्फ ट्रिब्यूनल के गठन और नोटिफिकेशन की जानकारी दी।

दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट को एक महत्वपूर्ण जानकारी दी है कि वह अगले चार हफ्तों के भीतर दिल्ली वक्फ ट्रिब्यूनल नोटिफिकेशन की प्रक्रिया को पूरा कर इसे औपचारिक रूप से अधिसूचित कर देगी। यह कदम उस समय आया है जब अदालत में प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद से जुड़ी याचिका पर सुनवाई चल रही है।
अदालत को बताया गया कि गृह मंत्रालय ने 8 अक्टूबर 2026 को भाजपा प्रवक्ता यासर जिलानी को ट्रिब्यूनल के सदस्य के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। दिल्ली वक्फ ट्रिब्यूनल नियम 2019 के मुताबिक, इस ट्रिब्यूनल में एक अध्यक्ष और अधिकतम दो सदस्य होंगे। इसमें जिला जज पंकज शर्मा पीआरईसाइडिंग ऑफिसर होंगे और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (नई दिल्ली) निशांत बोध सदस्य के तौर पर शामिल रहेंगे।
मस्जिद को फिलहाल नहीं ढहाया जाएगा, कोर्ट ने दिया आश्वासन
जस्टिस अनीश दयाल की अदालत में सैयद अहमद सऊद द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के वकील आशीष दीक्षित ने भरोसा दिलाया कि अगले चार हफ्तों तक मस्जिद के खिलाफ कोई भी तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस बीच, लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) दिल्ली वक्फ बोर्ड द्वारा दिए गए उस आवेदन पर फैसला लेगा, जिसमें 7 अक्टूबर 2026 को काटे गए बिजली और पानी के कनेक्शनों को दोबारा बहाल करने की मांग की गई है।
हालांकि, कोर्ट ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए फिलहाल नमाजियों को मस्जिद के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी है, क्योंकि आसपास के इलाके में तोड़फोड़ का काम चल रहा है।
गौरतलब है कि वक्फ अधिनियम 1995 के तहत वक्फ संपत्तियों से जुड़े सभी विवादों की सुनवाई केवल अधिसूचित ट्रिब्यूनल में ही हो सकती है, सिविल कोर्ट में नहीं। रेस कोर्स मस्जिद और उसके बगल स्थित कब्रिस्तान को 8 सितंबर 1977 से वक्फ संपत्ति और 1 अक्टूबर 2009 से NDMC द्वारा हेरिटेज साइट घोषित किया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 16 दिसंबर 2026 को होगी।