दिल्ली सरकार ने बढ़ाई चीनी और प्याज की कीमतें नियंत्रित करने की तैयारी

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 25 अगस्त 2026 को खाद्य मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्याज और चीनी की बढ़ती कीमतों पर काबू पाना था। मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पुष्टि की कि खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों का विभाग चीनी की कीमतों पर लगातार नजर रख रहा है। सरकार जरूरत पड़ने पर रियायती दरों पर प्याज उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए ANI News पर रिपोर्ट देखी जा सकती है। बाजार को स्थिर करने के लिए दिल्ली सरकार इन जरूरी चीजों को भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ यानी NAFED से खरीदेगी। इन्हें लागत मूल्य पर बेचा जाएगा और परिवहन तथा अन्य सभी खर्चों का वहन खुद सरकार करेगी। चीनी के लिए जमाखोरी विरोधी अभियान 26 अगस्त 2026 से शुरू होने वाले हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर, उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने घोषणा की कि नासिक, महाराष्ट्र से बफर स्टॉक का लगभग 800 मीट्रिक टन प्याज लेकर आने वाली पहली 'कांदा एक्सप्रेस' ट्रेन बुधवार, 26 अगस्त 2026 को दिल्ली पहुंचेगी। इन प्याज की आपूर्ति मोबाइल वैन, NAFED, NCCF और केंद्रीय भंडार स्टोर के माध्यम से 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर की जाएगी। इस बीच, खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने बताया कि सरकार के हस्तक्षेप के बाद एक्स-मिल चीनी की कीमतों में 18 प्रतिशत की गिरावट आई है और यह 55 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। सरकार ने कच्चे चीनी के आयात और सट्टेबाजी के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं।
25 अगस्त 2026 तक खुदरा बाजार में चीनी की कीमत 63.97 रुपये प्रति किलोग्राम और प्याज की कीमत 55 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। इसके बावजूद अधिकारियों का कहना है कि देश में किसी भी चीज की कोई वास्तविक कमी नहीं है। देश में वार्षिक मांग 280-285 लाख टन है जबकि राष्ट्रीय चीनी का स्टॉक 306 लाख टन उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए ANI News National Category पर जा सकते हैं। चीनी और प्याज जैसी जरूरी खाद्य वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ राज्य और केंद्र सरकारों दोनों ने कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी जारी की है।