डीयू चुनावों से पहले दिल्ली सरकार ने शुरू की लेडीज स्पेशल बस सेवा, कड़े नियम लागू

दिल्ली सरकार ने दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) की छात्राओं के लिए "यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल" बस सेवा शुरू की है। डीयू स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में लॉन्च की गई इस सेवा के तहत सुबह और शाम के पीक आवर्स में 13 रूट्स पर 26 डेली ट्रिप्स चलाई जाएंगी। इस बस सेवा में महिला पुलिस अधिकारी, होम गार्ड और महिला स्टाफ जैसी सुरक्षा सुविधाएं दी गई हैं, साथ ही दिल्ली पुलिस के 112 इमरजेंसी सिस्टम से जुड़े पैनिक बटन भी लगाए गए हैं। यह पहल DUSU चुनावों से लगभग एक महीना पहले शुरू की गई है, जो 18 सितंबर 2026 को तय हैं और वोटों की गिनती 19 सितंबर को होगी।
चुनावी प्रक्रिया और तारीखें
2026-27 सत्र के चुनावों के लिए तैयारियां चल रही हैं, जिसकी नॉमिनेशन की आखिरी तारीख 10 सितंबर 2026 तय की गई है। उम्मीदवारों को उस तारीख तक अपने कागजात, हलफनामे (affidavits) और ₹500 का डिमांड ड्राफ्ट जमा करना होगा। 10 सितंबर को दोपहर 3:15 बजे छंटनी (scrutiny) के बाद और 11 सितंबर को दोपहर 12 बजे तक नाम वापस लेने का समय खत्म होने के बाद, उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट 11 सितंबर को शाम 5 बजे पब्लिश की जाएगी। चुनाव लड़ने के लिए 75% अटेंडेंस रिकॉर्ड होना जरूरी है और पोस्टग्रेजुएट उम्मीदवारों की उम्र 16 अगस्त 2026 तक 25 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
कड़े नियम और आचार संहिता
प्रॉक्टर प्रो. मनोज कुमार सिंह और रजिस्ट्रार विकास गुप्ता समेत यूनिवर्सिटी अधिकारियों ने सख्त कैंपेनिंग नियम लागू किए हैं। प्रत्येक उम्मीदवार के लिए खर्च की सीमा ₹5,000 तय की गई है, और लाउडस्पीकर, छपे हुए पोस्टर, फ्लेक्स बोर्ड और लग्जरी या अनधिकृत वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध है। उम्मीदवारों को प्रचार के लिए केवल पांच समर्थकों की अनुमति है, और महिला कॉलेजों में केवल महिलाओं को प्रचार करने की अनुमति है। नियमों का उल्लंघन करने पर नॉमिनेशन रद्द किया जा सकता है या चुनाव अमान्य किया जा सकता है, और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की सूचना दिल्ली नगर निगम (MCD) को दी जाएगी।
सुरक्षा और छात्र संगठन
कैंपस में 500 से अधिक CCTV कैमरे लगाकर सुरक्षा बढ़ाई गई है। इस चुनाव वर्ष में कैंपस लॉ सेंटर के एक दृष्टिबाधित (visually impaired) छात्र पंकज ढिंगरा भी चुनाव लड़ रहे हैं। राजनीतिक माहौल गर्माया हुआ है, जिसमें ABVP, NSUI, AISA, SFI और ASAP जैसे छात्र संगठन शिक्षा नीति के विरोध प्रदर्शनों और अकादमिक प्रतिनिधित्व पर हालिया यूनिवर्सिटी छूट जैसे मुद्दों पर सक्रिय हैं।
महिला कल्याण और अन्य योजनाएं
चुनावी पहलों के अलावा, यूनिवर्सिटी ने डिजिटल बदसलूकी से निपटने के लिए जुलाई 2026 में इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के साथ समझौतों जैसी साझेदारियों के जरिए महिला कल्याण को प्राथमिकता दी है। इसके अलावा, जनवरी 2025 में शुरू की गई "प्रोजेक्ट सशक्त बेटी" के तहत ₹4 लाख से कम सालाना कमाने वाले परिवारों की छात्राओं को लैपटॉप देना जारी है।