दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: अब टीबी मशीनों से होगी हेपेटाइटिस B और C की जांच

Kittu Kumari17 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: अब टीबी मशीनों से होगी हेपेटाइटिस B और C की जांच

दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब शहर में दिल्ली हेपेटाइटिस जांच सुविधा को बढ़ाने के लिए नेशनल ट्यूबरकुलोसिस एलिमिनेशन प्रोग्राम (NTEP) के तहत मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका मतलब है कि जिन मशीनों का उपयोग टीबी की पहचान के लिए होता है, अब उन्हीं के जरिए हेपेटाइटिस B और C का भी पता लगाया जा सकेगा।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मौजूदा स्वास्थ्य संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना है ताकि आम जनता को समय पर और सटीक जांच की सुविधा मिल सके। इस योजना के तहत शहर में मौजूद 85 'ट्रूनैट' (Truenat) मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक मशीनों का उपयोग किया जाएगा। ये पोर्टेबल पीसीआर-आधारित सिस्टम हैं, जो संक्रमण के जेनेटिक मटेरियल की पहचान करने में सक्षम हैं।

जांच प्रक्रिया और भविष्य की तैयारी

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए दिल्ली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए हेपेटाइटिस B और C के 2,500 टेस्टिंग चिप्स की मांग की है। इन चिप्स की खरीद केंद्र सरकार द्वारा नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम की सेंट्रल यूनिट के माध्यम से की जाएगी। योजना के अनुसार, हर जिले में एक ट्रूनैट प्लेटफॉर्म को विशेष रूप से उन मरीजों के वायरल लोड टेस्ट के लिए निर्धारित किया जाएगा, जिनकी शुरुआती जांच पॉजिटिव आई है।

मरीजों की भीड़ और मांग को देखते हुए सरकार ने कुछ खास इंतजाम भी किए हैं:

  • इन टेस्टिंग प्लेटफॉर्म्स के काम करने के समय को बढ़ाया जाएगा, ताकि शिफ्ट खत्म होने के बाद और छुट्टियों के दिन भी जांच हो सके।
  • मशीनों को चलाने वाले तकनीशियनों के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे।
  • काम के अतिरिक्त घंटों के लिए तकनीशियनों को प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) देने की योजना है।

स्वास्थ्य रणनीति के इस विस्तार में केवल हेपेटाइटिस ही नहीं, बल्कि पोर्टेबल एक्स-रे सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का विशेष ध्यान महिलाओं, खासकर गर्भवती महिलाओं में स्वास्थ्य समस्याओं की जल्द पहचान करने पर है, ताकि समय रहते उनका इलाज शुरू किया जा सके।

Share:

Comments

Leave a comment