NEET Protest: दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, प्रदर्शनकारियों पर नहीं होगी कोई कानूनी कार्रवाई

दिल्ली और एनसीआर के छात्रों और युवाओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। दिल्ली सरकार ने 30 जुलाई 2026 को घोषणा की है कि NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर हुए प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कोई भी सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। होम डिपार्टमेंट ने LG की मंजूरी के बाद यह आदेश जारी किया है, जिसके तहत दिल्ली पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदर्शनकारियों पर कोई एडवर्स लीगल एक्शन न लिया जाए।
- दिल्ली सरकार ने NEET प्रदर्शनकारियों पर कानूनी कार्रवाई रोकी।
- गिरफ्तार लोगों को जल्द छोड़ने के लिए रिव्यू प्रोसेस शुरू करने का आदेश।
- सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद उठाया गया यह बड़ा कदम।
- क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले लोगों को इस आदेश में छूट नहीं मिलेगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश और पुलिस कार्रवाई की समीक्षा
यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के 28 जुलाई 2026 के उस निर्देश के बाद आया है, जिसमें सभी राज्यों को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों में भाग लेने वाले छात्रों के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न करने को कहा गया था। कोर्ट ने 18 साल से कम उम्र के या बिना किसी क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले हिरासत में लिए गए लोगों को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया था। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप DD News की रिपोर्ट देख सकते हैं। नए आदेश के तहत अब हिरासत में या गिरफ्तार किए गए लोगों को जल्दी छोड़ने के लिए एक रिव्यू प्रोसेस भी शुरू किया जाएगा। हालांकि, दर्ज FIR की जांच जारी रहेगी, लेकिन कोर्ट ने पुलिस द्वारा ज्यादा फोर्स इस्तेमाल करने और पैलेट गन चलाने की स्वतंत्र जांच के आदेश दिए हैं।
घायल प्रदर्शनकारियों का इलाज और Jantar Mantar पर मामले
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिए हैं कि पैलेट की वजह से घायल हुए लोगों को सबसे अच्छा इलाज मुहैया कराया जाए। साथ ही, जंतर-मंतर पर तैनात RAF के ammunition log को सुरक्षित रखने के लिए केंद्र सरकार को कहा गया है और CCTV, ड्रोन व बॉडी-कैमरा की डिजिटल फुटेज को भी सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली सरकार के इस आदेश में यह साफ किया गया है कि जिन लोगों का पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड है, उन्हें इस छूट का फायदा नहीं मिलेगा।
राजनीतिक हलचल और दर्ज मामले
NEET-UG परीक्षा को लेकर देश भर में भारी विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसके चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र Pradhan ने 25 जुलाई 2026 को इस्तीफा दे दिया था। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर हुए इन प्रदर्शनों के संबंध में 29 जुलाई 2026 तक कुल 13 मामले दर्ज किए थे। CJP ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर पुलिस शिकायतें वापस नहीं ली गईं, तो वे फिर से प्रदर्शन शुरू करेंगे।