दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: CJP प्रोटेस्टर्स पर एक्शन रुका, क्रिमिनल बैकग्राउंड वालों पर शिकंजा जारी

दिल्ली एनसीआर के लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। 30 जुलाई 2026 को दिल्ली सरकार के Home Department ने एक आदेश जारी किया है जिसके तहत कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों में शामिल हुए ज्यादातर लोगों के खिलाफ अब कोई आगे की कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस मामले को बिना किसी फ्यूचर प्रोसिडिंग के बंद करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, इसमें एक बड़ा नियम यह है कि जिन लोगों का क्रिमिनल बैकग्राउंड है, उन्हें इस राहत से बाहर रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट के 28 जुलाई 2026 के आदेश के बाद यह कदम उठाया गया है, जिसमें साफ कहा गया था कि प्रदर्शनकारियों को coercive उपायों से सुरक्षा क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले लोगों पर लागू नहीं होगी।
- दिल्ली सरकार ने CJP प्रोटेस्ट्स में शामिल ज्यादातर लोगों पर आगे की कानूनी कार्रवाई रोकी।
- क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले लोगों को नहीं मिलेगी कोई राहत, जारी रहेगी जांच।
- गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए नॉन-क्रिमिनल प्रोटेस्टर्स का होगा तेजी से रिव्यू और रिहाई।
NEET-UG धांधली के खिलाफ हुआ था प्रदर्शन
आपको बता दें कि CJP ने NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर लगातार 36 दिनों तक प्रदर्शन किया था। यह प्रोटेस्ट 20 जुलाई 2026 को 'चलो संसद' मार्च के साथ अपने चरम पर पहुंचा था, जिसके दौरान हिंसा भड़क गई थी और Delhi Police ने 13 FIR दर्ज की थीं। सेंट्रल गवर्नमेंट के साथ एक समझौते के बाद, जिसमें केस वापस लेने का आश्वासन भी शामिल था, 25 जुलाई 2026 को इन प्रदर्शनों को खत्म कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने दिल्ली सरकार को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामलों की जांच करने की अनुमति दी, लेकिन गैर-आपराधिक (non-criminal) प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी तरह की सख्त कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।
क्रिमिनल रिकॉर्ड वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
दिल्ली सरकार के नए आदेश के मुताबिक, जो प्रोटेस्टर्स पहले ही गिरफ्तार या डिटेन किए जा चुके हैं, उनके मामलों की तेजी से समीक्षा की जाएगी और उन्हें रिहा कर दिया जाएगा, बशर्ते उनका कोई पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड न हो। दिल्ली के Home Minister आशीष सूद ने साफ किया है कि यह राहत उन लोगों पर लागू नहीं होगी जिनके खिलाफ पहले से क्रिमिनल केस दर्ज हैं या जो प्रदर्शन के दौरान हिंसा, तोड़फोड़ (vandalism) या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल थे। Delhi Police ने फेशियल रिकग्निशन सिस्टम और हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों की मदद से 2,800 से ज्यादा ऐसे लोगों की पहचान की है जिनका क्रिमिनल बैकग्राउंड है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार इन लोगों के खिलाफ पुलिस की जांच आगे भी जारी रहेगी।