दिल्ली सरकार का बड़ा कदम: हादसों में अपनों को खोने वाले परिवारों को मिली वित्तीय सहायता
सीएम रेखा गुप्ता ने कोविड योद्धाओं और अन्य हादसों के पीड़ित परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

दिल्ली सरकार ने पिछले कुछ समय में हुई विभिन्न दुखद घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में प्रशासन ने उन परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की है, जिन्होंने कोविड-19 महामारी, सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा, जसोला नाला त्रासदी और तुगलकाबाद अग्निकांड जैसी दर्दनाक घटनाओं में अपने परिजनों को खोया।
सबसे महत्वपूर्ण कदम कोविड-19 महामारी के दौरान ड्यूटी पर तैनात रहे कर्मचारियों के लिए उठाया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वयं छह सरकारी कर्मचारियों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये के चेक सौंपे। इन कर्मचारियों में एमसीडी (MCD), डीटीसी (DTC), दिल्ली जल बोर्ड, इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर, एनडीएमसी (NDMC), मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज और दिल्ली पुलिस ट्रैफिक यूनिट के कर्मी शामिल थे। यह कदम 30 मार्च 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दिए गए उस निर्देश के बाद उठाया गया है, जिसमें ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले फ्रंटलाइन वर्कर्स और स्कूल प्रिंसिपल्स को मुआवजा देने का आदेश दिया गया था।
सत्य निकेतन और अन्य हादसों के पीड़ितों को मिला सहारा
हाल ही में 6 सितंबर 2026 को सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने से पांच छात्रों और दो मजदूरों की मौत हो गई थी। इस हृदयविदारक घटना के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी ने वाइस चांसलर फंड से मुआवजा देने का निर्णय लिया है। इस मामले में संपत्ति मालिक हरिराम गुप्ता, उर्मिला गुप्ता और महेश गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद कानूनी कार्रवाई अभी भी जारी है।
इसके अलावा, प्रशासन उन परिवारों की मदद भी कर रहा है जिन्होंने अगस्त और जून की घटनाओं में अपनों को खोया। 25 अगस्त को जसोला गांव में एक खुले नाले में गिरने से 15 वर्षीय किशोर की जान चली गई थी, जिस पर प्रशासन अब ध्यान दे रहा है। वहीं, 12 जून को तुगलकाबाद में एक रिहायशी इलाके में लगी भीषण आग में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस जांच पूरी होने के साथ ही सरकार ने प्रभावित परिवारों को चिकित्सा सहायता और अन्य वित्तीय मदद उपलब्ध कराई है।