दिल्ली सरकार का सख्त आदेश: सीएम रेखा गुप्ता की बैठकों को प्राथमिकता दें वरिष्ठ अधिकारी

दिल्ली सरकार ने प्रशासनिक कामकाज में ढिलाई को लेकर वरिष्ठ नौकरशाहों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने एक औपचारिक निर्देश जारी कर यह स्पष्ट कर दिया है कि सभी वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में होने वाली बैठकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। यह कदम तब उठाया गया है जब यह देखा गया कि कई वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री की बैठकों से नदारद रह रहे थे और महत्वपूर्ण जानकारियों को साझा करने में लापरवाही बरत रहे थे।
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा अतिरिक्त मुख्य सचिवों, सचिवों और विभागाध्यक्षों को भेजे गए इस पत्र में पुरानी चेतावनियों का हवाला दिया गया है। दरअसल, इसी तरह के निर्देश अप्रैल 2026 में और फिर 7 अक्टूबर 2026 को भी जारी किए गए थे, लेकिन अधिकारियों के व्यवहार में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इन प्रक्रियात्मक खामियों को गंभीरता से लिया है और विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया है।
नए प्रोटोकॉल: अब देनी होगी हर फैसले की जानकारी
प्रशासनिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने अब कुछ कड़े नियम लागू किए हैं। नए प्रोटोकॉल के तहत, अधिकारियों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे केंद्र सरकार या उपराज्यपाल (LG) द्वारा बुलाई गई बैठकों में लिए गए सभी फैसलों और दिए गए निर्देशों की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को तुरंत दें।
इसके अलावा, यदि किसी अधिकारी की कोई अन्य मीटिंग मुख्यमंत्री की बैठक के समय के साथ टकराती है, तो उन्हें दूसरी मीटिंग को रीशेड्यूल करने का प्रयास करना होगा ताकि वे मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली बैठक में शामिल हो सकें। अगर किसी कारणवश यह संभव नहीं हो पाता है, तो उन्हें पहले से ही सीएमओ को सूचित करना होगा ताकि उचित मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सके। सरकार ने साफ कर दिया है कि शासन के किसी भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम से मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पूरी तरह अवगत रखा जाए।