छठ पूजा की तैयारी: दिल्ली में 15 अक्टूबर से शुरू होगा सिंगल विंडो क्लीयरेंस

दिल्ली में छठ पूजा के पावन पर्व को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। श्रद्धालुओं की सुविधा और आयोजन में आसानी के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब उत्सव आयोजकों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, क्योंकि 15 अक्टूबर से छठ पूजा की तैयारियों के लिए छठ पूजा सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू किया जा रहा है।
सोमवार को दिल्ली सचिवालय में कला, संस्कृति और भाषा मंत्री कपिल मिश्रा की अध्यक्षता में एक अहम समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में दिल्ली जल बोर्ड, एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, डीडीए, दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, फायर विभाग और बीएसईएस जैसे तमाम विभागों को एक साथ लाया गया ताकि समन्वय बेहतर हो सके। बता दें कि साल 2026 में छठ पूजा का उत्सव 13 नवंबर से 16 नवंबर के बीच मनाया जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए जुटाई जाएंगी खास सुविधाएं
मंत्री कपिल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि प्रशासन इस बार श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा चिन्हित किए गए लगभग 100 अस्थायी घाटों पर विशेष इंतजाम किए जाएंगे। इन घाटों पर निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध होंगी:
- पीने के साफ पानी की व्यवस्था और मोबाइल टॉयलेट्स।
- आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं और फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम।
- सभी निर्धारित स्थलों पर मुफ्त बिजली की आपूर्ति और फॉगिंग की व्यवस्था।
सुरक्षा और यातायात को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उत्सव शांतिपूर्ण रहे। मंत्री ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूर्वंचल समुदाय को भरोसा दिलाया है कि इस बार की प्लानिंग पहले से कहीं बेहतर होगी। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि यमुना के दोनों किनारों पर उत्सव मनाया जा सकेगा, लेकिन नदी में विसर्जन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा, कालिंदी कुंज के पास यमुना में उठने वाले जहरीले झाग की समस्या से निपटने की जिम्मेदारी दिल्ली जल बोर्ड को सौंपी गई है। श्रद्धालुओं के उत्साह को बढ़ाने के लिए इस साल अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।